My daughter’s really into the Halloween spirit. She’s been in her pregnant lady costume for months now.
Funny Quotes / Shayri
Read the best funny shayari in Hindi with hilarious jokes, witty lines, and comedy-filled poetry to make everyone laugh.
तेरे चेहरे में मेरा नूर होगा … फिर तूँ ना कभी मुझसे दूर होगा सोच क्या ख़ुशी मिलेगी जान उस पल …. जिस पल तेरी माँग में मेरे नाम का सिंधूर होगा।
ये आँखें हैं जो तुम्हारी , किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…. कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…!!
अच्छा लगता है जब कोइ छिपकली और कॉकरोच से डरने वाली आपके लिए पूरी दुनिया से लड़ जाए..😍 😍
कहा मिलेगा तुम्हे मुझ जैसा कोई; जो तुम्हारे सितम भी सहे; और तुमसे मोहब्बत भी करे!
उन्होंने आज हम पर तिरछी नज़र डाली तो हम मदहोश हो गए बाद में पता चला नज़र ही तिरछी है तो हम बेहोश हो गए।
किसी ने मुझ से कहा बहुत खुबसूरत लिखते हो यार,मैंने कहा … खुबसूरत मैं नहीं वो है जिसके लिए हम लिखा करते है
मोहब्बत करने चला है, तो कुछ अदब भी सीख लेना ऐ दोस्त… इसमें हंसते साथ हैं, पर रोना अकेले ही पड़ता है….
मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से हैं, आधी तुझे सताने से हैं… आधी तुझे मनाने से हैं।
बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है , मगर नजरो से सलामी देने का तेरा अंदाज़ नही बदला
"मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं, चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
आंखों के रास्ते दिल ♥️ में उतर कर नही देखा, तूने मेरे सीने में अपनी यादों का घर 🏘️ नही देखा, तेरे इश्क की वहशत ने पागल 🤪 बना दिया है मुझे, तेरी गलियों की खाक के सिवा मैंने कुछ नही देखा।
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी,इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
कुछ तुम कहो, कुछ हम कहे,और एक कहानी बन जाये एक रोज़ पड़ेंगे लोग इन्हे , और मिसालें हमारी बन जाये
कोई मुक़दमा ही कर दो हमारे सनम पर, कम से कम हर पेशी पर दीदार तो हो जायेगा।
लिखी कुछ शायरी ऐसी तेरे नाम से कि,जिसने तुम्हे देखा भी नही उसने भी तेरी तारीफ कर दी
हमने तो तेरे इश्क़ में रो रो कर दरिया बहा दिए, तू इतना बेवफा निकला कि हम उस दरिया में नहा लिए।
अपनी मोहब्बत 🌹कि खुशबु से नूर कर दे, जुदा न हो सकु इतना मगरुर कर दे, मेरे दिल ♥️ मे बस जाए वफ़ा तेरी , किसी और को ना देखु मुझे इतना मजबुर कर दे।
एक सुकून सा मिलता है….तुझे सोचने से भी…. फिर कैसे कह दूँ…मेरा इश्क़ बेवजह सा है….
हमने तो चारो तरफ पढ़ाई का माहौल बनाया है, लेकिन फिर भी एग्जाम में अंडा ही आया है, हम तो यूँ ही चल देते हैं बिना मुंह धोये ही एग्जाम में, साले दोस्त कहते हैं ये तो बहुत पड़के आया है।
तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में, रूह भी गिरवी रख दी है मैंने तेरी चाहत में।
"ये जो हलकी सी फ़िक्र करते हो न हमारी, बस इसलिए हम बेफिक्र रहने लगे हैं।
नशा था उनके प्यार का , जिसमें हम खो गए , उन्हें भी पता नहीं चला कि कब हम उनके हो गए।
इस बात का एहसास किसी पर ना होने देना .., कि तेरी चाहतों से चलती है हैं मेरी साँसे।
तेरे साथ भी तेरा था, तेरे बिन भी तेरा ही हूँ।
तुम बदले तो मजबूरियाँ थी… हम बदले तो बेवफ़ा 😥 हो गए…!
हमदम तो साथ चलते हैं , रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं , तेरा चेहरा है जब से आँखों में , मेरी आँखों से लोग जलते हैं।
तू मुझमें पहले भी था , तू मुझमें अब भी है। पहले मेरे लफ्जों में था अब मेरी खामोशियों में है।
शौंक नहीं है मुझे अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का … मगर क्या करूँ , अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का
दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं, प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं।
बागों के सारे फूल गिर जातें है जब तू आती है, अंधी है क्या देख कर चला कर गमलो से क्यों टकराती है।