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"कोशिशों के बाद भी जो पूरी न हो सकें ! तेरा नाम भी उन्हीं ख्वाहिशों में है !!"

. "मोहब्बत सच्ची हो तो लौट कर ज़रूर आती है ! खैर छोड़ो सब कहने की बाते हैं !!"

"तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा करदो ! क्या पता फिर कोई हमसे बेज़ुबाँ मिले न मिले !!"

"तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है ! पर पूरी उसकी होती है जो तक़दीर लेकर आता है !!"

"सूखे पत्ते की तरह थे हम ! किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलाने के लिए !!"

"हमें पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो ! हमारा शहर तो बस यूंही रास्ते में आया था !!"

"असली तकलीफ तो ये ज़िन्दगी देती है ! मौत तो बस यूंही नाम से बदनाम है !!"

अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने ! ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!"

"जो लोग दर्द को समझते हैं ! वो लोग कभी दर्द की वजह नहीं बनते !!"

"जिनके दिल पर चोट लगती है ! वो अक्सर आँखों से नहीं दिल से रोते हैं !!"

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया !!"

"आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता ! लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है !!

"जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है ! लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!"

"मेरे ग़म का छोटा सा हिस्सा लेकर तो देखो ! मरने की ख्वाहिश न करने लगे तो कहना !!"

मैं हमेशा डरता था उसे खोने से ! उसने ये डर ही ख़त्म कर दिया मुझे छोड़कर !!"

"ज़िन्दगी में मंज़िले तो मिल ही जाती हैं ! लेकिन वो लोग नहीं मिलते जिन्हें दिल से चाहा हो !"'

मेरी हर आह ! के बदले वाह ! मिली है मुझको ! कौन कहता है कि दर्द बिकता नहीं !!"

"इश्क़ सिर्फ मुझे हुआ था ! उसे तो बस कुछ पल का नशा हुआ था !!"

"तेरे बाद हमने दिल का दरवाज़ा खोला ही नहीं ! वरना बहुत से चाँद आए इस घर को सजाने के लिए !!"

"अभी धूप निकलने के बाद भी जो सोया है ! वो ज़रूर तेरी याद में रातभर रोया है !!"

"भूलने वाली बातें याद हैं ! इसलिए ज़िन्दगी में विवाद है !!"

"रूठूँगा तुझसे तो इस क़दर रूठूँगा तेरी आँखे तरस जाएगी मेरी एक झलक को !!"

"अगर क़िस्मत लिखने का हक़ मेरी माँ का होता ! तो मेरी ज़िन्दगी में एक भी ग़म न होता !!"

"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो ! जख्म तो हर इंसान देता है !!"

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे-धीरे ! तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान हैं !!

दिल में आने का रास्ता तो होता है, लेकिन जाने का नहीं ! इसलिए जो भी जाता है दिल तोड़कर जाता है !!

"न जाने किस दरबार का चिराग़ हूँ मैं ! जिसका दिल करता है जलाकर छोड़ देता है !!"

दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!"

. "भूल जाना तो ज़माने की फितरत है ! पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की !!"

अगर मुमकिन हो तो मुझे अपना बनालो तुम ! मेरी तन्हाईयाँ गवाह है मेरा अपना कोई भी नहीं !!"