આ દશેરા, આપના જીવનમાં ધર્મ, ન્યાય અને સત્યનો વિજય લાવે. આપનું ઘર સુખ, સમૃદ્ધિ અને આનંદથી છલકાઈ જાય. શુભ દશેરા!
Funny Quotes / Shayri
Welcome to our Shayri section, where humor meets poetry! Dive into a delightful array of funny Shayari that will tickle your funny bone and brighten your day. Whether you're looking to share a laugh with friends or simply enjoy some light-hearted verses, our collection has something for everyone. Join us in celebrating the lighter side of life through the art of Shayari!
इस बात का एहसास किसी पर ना होने देना .., कि तेरी चाहतों से चलती है हैं मेरी साँसे।
उन्होंने आज हम पर तिरछी नज़र डाली तो हम मदहोश हो गए बाद में पता चला नज़र ही तिरछी है तो हम बेहोश हो गए।
तेरे सिवा कौन समा सकता है मेरे दिल में, रूह भी गिरवी रख दी है मैंने तेरी चाहत में।
कुछ तुम कहो, कुछ हम कहे,और एक कहानी बन जाये एक रोज़ पड़ेंगे लोग इन्हे , और मिसालें हमारी बन जाये
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी 🌹का किस्सा है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा, मेरी मोहब्बत 💖 तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है, तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा।
आंखों के रास्ते दिल ♥️ में उतर कर नही देखा, तूने मेरे सीने में अपनी यादों का घर 🏘️ नही देखा, तेरे इश्क की वहशत ने पागल 🤪 बना दिया है मुझे, तेरी गलियों की खाक के सिवा मैंने कुछ नही देखा।
हमने तो तेरे इश्क़ में रो रो कर दरिया बहा दिए, तू इतना बेवफा निकला कि हम उस दरिया में नहा लिए।
एक दिन हम आपसे इतने दूर हो जायेंगे, के आसमान के इन तारो 🌌 में कही खो जायेंगे, आज मेरी परवाह नहीं आपको, पर देखना एक दिन हद से ज्यादा, हम आपको 😌 यादआएंगे!!
अपनी मोहब्बत 🌹कि खुशबु से नूर कर दे, जुदा न हो सकु इतना मगरुर कर दे, मेरे दिल ♥️ मे बस जाए वफ़ा तेरी , किसी और को ना देखु मुझे इतना मजबुर कर दे।
तू मुझमें पहले भी था , तू मुझमें अब भी है। पहले मेरे लफ्जों में था अब मेरी खामोशियों में है।
किसी ने मुझ से कहा बहुत खुबसूरत लिखते हो यार,मैंने कहा … खुबसूरत मैं नहीं वो है जिसके लिए हम लिखा करते है
तेरे साथ भी तेरा था, तेरे बिन भी तेरा ही हूँ।
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी,इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
अच्छा लगता है जब कोइ छिपकली और कॉकरोच से डरने वाली आपके लिए पूरी दुनिया से लड़ जाए..😍 😍
शौंक नहीं है मुझे अपने जज़्बातों को यूँ सरेआम लिखने का … मगर क्या करूँ , अब जरिया ही ये है तुझसे बात करने का
बागों के सारे फूल गिर जातें है जब तू आती है, अंधी है क्या देख कर चला कर गमलो से क्यों टकराती है।
दुनियाँ में इतनी रस्में क्यों हैं, प्यार अगर ज़िंदगी है तो इसमें कसमें क्यों हैं।
हमदम तो साथ चलते हैं , रास्ते तो बेवफ़ा बदलते हैं , तेरा चेहरा है जब से आँखों में , मेरी आँखों से लोग जलते हैं।
हमने तो चारो तरफ पढ़ाई का माहौल बनाया है, लेकिन फिर भी एग्जाम में अंडा ही आया है, हम तो यूँ ही चल देते हैं बिना मुंह धोये ही एग्जाम में, साले दोस्त कहते हैं ये तो बहुत पड़के आया है।
ये आँखें हैं जो तुम्हारी , किसी ग़ज़ल की तरह खूबसूरत हैं…. कोई पढ़ ले इन्हें अगर इक दफ़ा तो शायर हो जाए…!!
कोई मुक़दमा ही कर दो हमारे सनम पर, कम से कम हर पेशी पर दीदार तो हो जायेगा।
"मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं, चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।
तुम बदले तो मजबूरियाँ थी… हम बदले तो बेवफ़ा 😥 हो गए…!
एक सुकून सा मिलता है….तुझे सोचने से भी…. फिर कैसे कह दूँ…मेरा इश्क़ बेवजह सा है….
बहुत दिनों बाद तेरी महफ़िल में कदम रखा है , मगर नजरो से सलामी देने का तेरा अंदाज़ नही बदला
मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ तेरे बहाने से हैं, आधी तुझे सताने से हैं… आधी तुझे मनाने से हैं।
"ये जो हलकी सी फ़िक्र करते हो न हमारी, बस इसलिए हम बेफिक्र रहने लगे हैं।
कहा मिलेगा तुम्हे मुझ जैसा कोई; जो तुम्हारे सितम भी सहे; और तुमसे मोहब्बत भी करे!
तेरे चेहरे में मेरा नूर होगा … फिर तूँ ना कभी मुझसे दूर होगा सोच क्या ख़ुशी मिलेगी जान उस पल …. जिस पल तेरी माँग में मेरे नाम का सिंधूर होगा।
लिखी कुछ शायरी ऐसी तेरे नाम से कि,जिसने तुम्हे देखा भी नही उसने भी तेरी तारीफ कर दी