ना जाने इतनी मोहब्बत कैसे हो गयी तुमसे, जब जब तुम्हे देखता हूँ और कुछ देखने का मन ही नहीं करता !
Funny Quotes / Sad
Explore funny sad quotes that mix emotions and humor perfectly with relatable and witty sayings about life and heartbreak.
"यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं !!"
"मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो ! लगया है मेरी तरह तुम भी झूठे हो !!"
हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!
"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो ! जख्म तो हर इंसान देता है !!"
मेरी हर आह ! के बदले वाह ! मिली है मुझको ! कौन कहता है कि दर्द बिकता नहीं !!"
इतनी बदसलूकी न कर ए ज़िन्दगी ! हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले हैं !!"
. "मोहब्बत सच्ची हो तो लौट कर ज़रूर आती है ! खैर छोड़ो सब कहने की बाते हैं !!"
"सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!"
"वो किताबों में लिखा नहीं था ! जो सबक़ ज़िन्दगी ने सिखाया मुझे !!"
"जहां कभी तुम हुआ करते थे ! वहां अब दर्द होता है !!"
. "वो मेरे साथ चलते तो थे ! मगर किसी और की तलाश में !!"
धोखा देने के लिए शुक्रिया तेरा ! तुम न मिलती तो दुनिया की समझ न आती !!"
"दुबारा इश्क़ होगा तो तुझसे ही होगा ! खफा हूँ मैं बेवफा नहीं !!"
"मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में ! बस हम गिनती उसकी करते हैं जो हासिल न हो सका हो !!"
हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का ! बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने ! ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!"
हर किसी में तुझे पाने की कोशिश की ! बस एक तुझे न पाने के बाद !!
"हो सकें तो अब कोई सौदा न करना ! पिछली दिल्लगी में सब कुछ हार चुका हूँ मैं !!"
"तू मेरी चाहत का एक लफ्ज़ भी नहीं पढ़ सकी ! और मैं तेरे दिए हुए दर्द की किताब को रोज़ पढ़ते पढ़ते सोता हूँ !!"
"रिश्तें उन्ही से बनाओ ! जो निभाने की औकात रखते हों !!"
"जल्दी सो जाया करो दोस्तों ! यूँ रातभर जागने से मोहब्बत लौट कर नहीं आती !!"
आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम ! किसने कह दिया तुझे भूल गए हम !!"
"दर्द मुझको ढूंढ़ लेता है रोज़ नए बहाने से ! वो हो गया वाक़िफ़ मेरे हर ठिकाने से !!"
"तेरे बाद न आएगी इस ज़िन्दगी अब कोई और ! एक मौत है जिसकी हम क़सम नहीं दें सकतें !!"
"कौन समझ पाया आज तक हमें ! हम अपने हादसों के अकेले गवाह हैं !!"
लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं ! मैं बरसो से खामोश हूँ और बरसो से बेखबर !!"
"वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं ! मैं हर रोज़ उसका जवाब तलाश करता हूँ !!"
"मेरे ग़म का छोटा सा हिस्सा लेकर तो देखो ! मरने की ख्वाहिश न करने लगे तो कहना !!"
जब तुम्हारा दिल चाहे लौट आना ! इंतेज़ार की आदत है मुझे !!"
"तुम अपने ज़ुल्म की इन्तेहा करदो ! क्या पता फिर कोई हमसे बेज़ुबाँ मिले न मिले !!"