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” સમજાતી નથી જીંદગી ની રીત . . એક બાજુ કહે છે કે ધીરજ ના ફળ મીઠા હોય છે અને બીજી બાજુ ? સમય કોઇની રાહ જોતો નથી ”

Funny Quotes / Sad

Explore funny sad quotes that mix emotions and humor perfectly with relatable and witty sayings about life and heartbreak.

दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!"

"मेरे बर्दाश्त करने का अंदाज़ा तू क्या लगायेगी ! तेरी उम्र से कही ज़्यादा मेरे जिस्म पर ज़ख्मो के निशाँ हैं !!"

. "मेरी कोशिश हमेशा से नाकाम रही ! पहले तुम्हें पाने की अब तुम्हें भुलाने की !!"

"बहुत कुछ बदला है मैंने अपने आप में ! लेकिन तुझे याद करने की वो आदत आज भी बाक़ी है !!"

"जहां कभी तुम हुआ करते थे ! वहां अब दर्द होता है !!"

"जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है ! लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!"

"तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है ! पर पूरी उसकी होती है जो तक़दीर लेकर आता है !!"

तजुर्बा एक बार का ही इबरत के लिए काफ़ी था ! मैंने देखा नहीं इश्क़ दुबारा करके !!"

मेरी हर आह ! के बदले वाह ! मिली है मुझको ! कौन कहता है कि दर्द बिकता नहीं !!"

लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं ! मैं बरसो से खामोश हूँ और बरसो से बेखबर !!"

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे-धीरे ! तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान हैं !!

आज तन्हा हुए तो अहसास हुआ ! कई घण्टे होते है एक दिन में !!"

"रूठूँगा तुझसे तो इस क़दर रूठूँगा तेरी आँखे तरस जाएगी मेरी एक झलक को !!"

सफर ज़िन्दगी का ज़रा छोटा था उसके साथ ! पर वो शख्स एक याद सा हो गया पूरी ज़िन्दगी के लिए !!"

"आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता ! लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है !!

"तू मेरी चाहत का एक लफ्ज़ भी नहीं पढ़ सकी ! और मैं तेरे दिए हुए दर्द की किताब को रोज़ पढ़ते पढ़ते सोता हूँ !!"

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया !!"

"जिनके दिल पर चोट लगती है ! वो अक्सर आँखों से नहीं दिल से रोते हैं !!"

हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!

"तुमसे मोहब्बत करने का गुनाह किया था ! तुमने तो पल पल मरने की सज़ा दे दी !!"

जब तुम्हारा दिल चाहे लौट आना ! इंतेज़ार की आदत है मुझे !!"

"क़ाश तुम मेरे होते ! क़ाश ये अल्फाज़ तेरे होते !!"

"क्या फायदा है अब रोने से ! जो प्यार न समझा वो दर्द क्या समझेगा !!"

"हमें पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो ! हमारा शहर तो बस यूंही रास्ते में आया था !!"

"कौन समझ पाया आज तक हमें ! हम अपने हादसों के अकेले गवाह हैं !!"

"नाज़ुक लगते थे जो लोग ! वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले !!"

"सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!"

"असली तकलीफ तो ये ज़िन्दगी देती है ! मौत तो बस यूंही नाम से बदनाम है !!"

"बहुत अंदर तक तबाह कर देते हैं ! वो अश्क़ जो आँखों से गिर नहीं पाते !!"

"मेरे ग़म का छोटा सा हिस्सा लेकर तो देखो ! मरने की ख्वाहिश न करने लगे तो कहना !!"