ज़रा सा हक तुम भी जताना सीख लो 😊 इश्क़ अगर है, तो बताना सीख लो !!❤️
Funny Quotes / Sad
Explore funny sad quotes that mix emotions and humor perfectly with relatable and witty sayings about life and heartbreak.
"हो सकें तो अब कोई सौदा न करना ! पिछली दिल्लगी में सब कुछ हार चुका हूँ मैं !!"
"तुमसे मोहब्बत करने का गुनाह किया था ! तुमने तो पल पल मरने की सज़ा दे दी !!"
इतनी बदसलूकी न कर ए ज़िन्दगी ! हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले हैं !!"
"आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता ! लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है !!
अभी तक मौजूद हैं मेरे दिल पर तेरे क़दमों के निशाँ ! हमने तेरे बाद इस राह से किसी को गुज़रने नहीं दिया !!"
अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने ! ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!"
बहुत खूबसूरत है न मेरा ये वहम ! कि तुम जहां भी हो सिर्फ मेरे हो !!
नादान हैं वो लोग जो इश्क़ नहीं करते ! अरे ! जिगरा चाहिए बर्बाद होने के लिए !!"
"तेरे बाद न आएगी इस ज़िन्दगी अब कोई और ! एक मौत है जिसकी हम क़सम नहीं दें सकतें !!"
"ज़िन्दगी में मंज़िले तो मिल ही जाती हैं ! लेकिन वो लोग नहीं मिलते जिन्हें दिल से चाहा हो !"'
"असली तकलीफ तो ये ज़िन्दगी देती है ! मौत तो बस यूंही नाम से बदनाम है !!"
"यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं !!"
"मैं कहाँ जनता हूँ दर्द की क़ीमत ! मेरे अपनों ने मुझे मुफ्त में दिया है !!"
"हमें पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो ! हमारा शहर तो बस यूंही रास्ते में आया था !!"
दिल में आने का रास्ता तो होता है, लेकिन जाने का नहीं ! इसलिए जो भी जाता है दिल तोड़कर जाता है !!
"क्या फायदा है अब रोने से ! जो प्यार न समझा वो दर्द क्या समझेगा !!"
"नाज़ुक लगते थे जो लोग ! वास्ता पड़ा तो पत्थर के निकले !!"
"जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है ! लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!"
"एक उम्र बीत गयी तुझे चाहते हुए ! तू आज भी बेखबर है कल की तरह !!"
"उम्मीद से बढ़कर निकली तुम तो ! मैंने तो सोचा था दिल ही तोड़ोगी तुमने तो मुझे ही तोड़ दिया !!"
मेरी हर आह ! के बदले वाह ! मिली है मुझको ! कौन कहता है कि दर्द बिकता नहीं !!"
"दुबारा इश्क़ होगा तो तुझसे ही होगा ! खफा हूँ मैं बेवफा नहीं !!"
लोग हमेशा गलत इंसान से धोखा खाने के बाद ! अच्छे इंसान से बदला लेते हैं !!"
"तू मेरी चाहत का एक लफ्ज़ भी नहीं पढ़ सकी ! और मैं तेरे दिए हुए दर्द की किताब को रोज़ पढ़ते पढ़ते सोता हूँ !!"
अगर मुमकिन हो तो मुझे अपना बनालो तुम ! मेरी तन्हाईयाँ गवाह है मेरा अपना कोई भी नहीं !!"
"कौन समझ पाया आज तक हमें ! हम अपने हादसों के अकेले गवाह हैं !!"
"मुझसे बिछड़ के ख़ुश रहते हो ! लगया है मेरी तरह तुम भी झूठे हो !!"
"मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िन्दगी में ! बस हम गिनती उसकी करते हैं जो हासिल न हो सका हो !!"
"सूखे पत्ते की तरह थे हम ! किसी ने समेटा भी तो सिर्फ जलाने के लिए !!"
"गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!"