अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने ! ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने !!"
Funny Quotes / Sad
Explore funny sad quotes that mix emotions and humor perfectly with relatable and witty sayings about life and heartbreak.
"जहां कभी तुम हुआ करते थे ! वहां अब दर्द होता है !!"
"निकाल दिया उसने मुझे अपनी ज़िन्दगी से भीगे कागज़ की तरह ! न लिखने के क़ाबिल छोड़ा न जलने के !!"
"आँसुओ का कोई वज़न नहीं होता ! लेकिन निकल जाने पर मन हल्का हो जाता है !!
दर्द कम नहीं हुआ है मेरा ! बस सहने की आदत हो गयी है !!"
हुस्न वाले जब तोड़ते हैं दिल किसी का ! बड़ी मासूमियत से कहते हैं मजबूर थे हम !!
"सुना है मोहब्बत मिलती है मोहब्बत के बदले ! हमारी बारी आई तो रिवाज ही बदल गया !!"
आज तन्हा हुए तो अहसास हुआ ! कई घण्टे होते है एक दिन में !!"
"इश्क़ सिर्फ मुझे हुआ था ! उसे तो बस कुछ पल का नशा हुआ था !!"
"यूँ सिमट गया मेरा प्यार चंद अल्फाज़ो में ! जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं !!"
"ज़िन्दगी में मंज़िले तो मिल ही जाती हैं ! लेकिन वो लोग नहीं मिलते जिन्हें दिल से चाहा हो !"'
हँसकर दर्द छुपाने का हुनर मशहूर था मेरा ! पर कोई हुनर काम न आया जब तेरा नाम आया !!
"जिस्म के ज़ख्म का इलाज तो मुमकिन है ! लेकिन रूह के ज़ख्म का हकीम नहीं कोई !!"
"मैं कहाँ जनता हूँ दर्द की क़ीमत ! मेरे अपनों ने मुझे मुफ्त में दिया है !!"
"एक उम्र बीत गयी तुझे चाहते हुए ! तू आज भी बेखबर है कल की तरह !!"
"वो एक ख़त जो उसने कभी लिखा ही नहीं ! मैं हर रोज़ उसका जवाब तलाश करता हूँ !!"
"सोचा था एक घर बनाकर बैठूंगा सुकून से ! लेकिन घर की ज़रूरतो ने मुसाफिर बना दिया !!"
तजुर्बा एक बार का ही इबरत के लिए काफ़ी था ! मैंने देखा नहीं इश्क़ दुबारा करके !!"
जब तुम्हारा दिल चाहे लौट आना ! इंतेज़ार की आदत है मुझे !!"
. "भूल जाना तो ज़माने की फितरत है ! पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की !!"
"जिनके दिल पर चोट लगती है ! वो अक्सर आँखों से नहीं दिल से रोते हैं !!"
"मेरे ग़म का छोटा सा हिस्सा लेकर तो देखो ! मरने की ख्वाहिश न करने लगे तो कहना !!"
"क़ाश तुम मेरे होते ! क़ाश ये अल्फाज़ तेरे होते !!"
"कोशिशों के बाद भी जो पूरी न हो सकें ! तेरा नाम भी उन्हीं ख्वाहिशों में है !!"
ज़रा सी वक़्त ने करवट क्या ली ! गैरों की लाइन में सबसे आगे अपनों को पाया हमने !!"
आ देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम ! किसने कह दिया तुझे भूल गए हम !!"
"गुज़र जायेगा ये दौर भी ज़रा सब्र तो रख ! जब खुशियाँ ही न रुकी तो ग़म की क्या औकात है !!"
अगर मुमकिन हो तो मुझे अपना बनालो तुम ! मेरी तन्हाईयाँ गवाह है मेरा अपना कोई भी नहीं !!"
"बनना है तो किसी के दर्द की दवा बनो ! जख्म तो हर इंसान देता है !!"
"यही सोचकर सफाई नहीं दी हमने ! इल्ज़ाम भले ही झूठे हैं पर लगाए तो तुमने हैं !!"
लोग कहते है समझो तो खामोशियाँ भी बोलती हैं ! मैं बरसो से खामोश हूँ और बरसो से बेखबर !!"