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દશેરાનો આ તહેવાર, આપના જીવનમાં વિજય, આનંદ અને સમૃદ્ધિ લાવે. દરેક ક્ષણ નવી આશા અને ઉમંગથી ભરાઈ જાય. શુભકામનાઓ!

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

Choose people who choose you.

मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों ही तेरे औकात से बाहर है!

जमाने में इतना दम कहा जो हमे मिटायें, जमाना हमसे है हम जमाने से नही |

काम ऐसा करो की नाम हो जाए, या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए| 😎😎

I dont have enough middle fingers to show you how i feel.

यू ना कहो के ये किस्मत की बात है... मुझे बर्बाद करने में तुम्हारी भी हाथ है...

मुझे लड़की चाहिए kurkure जैसी जो टेढ़ी हो पर मेरी हो।

I don’t treat people badly, I treat them accordingly.

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..!!

मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे , अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

I get jealous but i will never show it.

दिलो में खोट है.. जुबान से प्यार करते हैं..बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं.😊

Don’t break yourself just to fit into someone’s life

शरीफ इंसान शराफत की वजह से चुप रह गया | बदमाश ने समझा की उसे जवाब देना ही नहीं आता !

नजरिया बहुत छोटी सी चीज है, लेकिन इससे फर्क बहुत बड़ा पड़ता है… 💯

शोर करने वाले अगर खामोश हो जाये तो उनकी ख़ामोशी से सुकून नहीं खौफ आता है

बेटा झूले पर झूलो लेकिन,😎 हम बाप हैं तुम्हारे हमे ना भूलो।😜

आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है

मेरी बुराई जरा छुपकर करना तुम्हारे अपने भी मेरे चाहने वाले हैं

हम ऊंची आवाज़ पसंद नहीं करते, ख़ामोश रहो या औकात में 😠😠

अकड़ बहुत हैं हमने माना , तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से , जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे

जिस चीज़ का तुम्हे खौफ है, उस चीज़ का हमे शौंक है।

सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो

जिद पर आ जाऊँ तो पलट कर भी ना देखूँ, मेरे सबर से अभी तुम वाकिफ़ ही कहाँ हो.

ना बिका हूं, ना कभी बिक पाउंगा, ये मत समझना की में भी औरों जैसा हूं |

आदत हो गई है नफरत की अब मोहब्बत अच्छी नहीं लगती।

जो हमें समझ ही नहीं सका उसे हक है हमें बुरा समझने का

'इग्नोर करने वाले भी याद करेंगे, जरा वक़्त को हालात तो बदलने दो !