सुनो ये बादल जब भी बरसता है, मन तुझसे ही मिलने को तरसता है.
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
I might not be perfect, but neither are you..So go and check your mistakes, before rating mine.
शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा
बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं,इसलिए लोग इज्ज़त से नही, मेरी इजाज़त से मिलते है।
“बादशाह बनो शेर जैसे वरना डराना तो कुत्ते भी जानते हैं”
If you dont want me , Dont fuck with my feelings.
This is how it goes. I will respect those who respect me & forget those who forget me. Simple as that.
i'll never be that me again
तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं
Seeing your ex go through what they put you through.. Priceless.
हमें मत सिखा बदमाशी के कानून, अगर हमनें शराफत छोड़ दी तो तू बकील ढूँढता रह जायेगा 😤😤
My attitude depends on the people in front of me.
धुप मैं तो काच के तुकडे भी चमकते हैं, पर हिरे की पहचान तो अंधेरे मैं होती हैं…
दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं. 😠
जीत हासिल करनी हो तो क़ाबिलियत बढ़ाओ ! क़िस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी मिला करती है !!"
जो खोटे सिक्के कभी न चले बाजार में, वो कमियां ढूंढ रहे हैं हमारे किरदार में!
हम तो बुरे है साफ कहते है , पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए
कुछ नही भुले हम बस मौके का इंतजार कर रहे है..!
मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं
पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं | 😎
अगर बाज़ 🦅 की तरह उड़ना है.. तो कबूतरों का साथ छोड़ना पड़ेगा.!!💯
जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |😠
हम 😎 भी शरीफों की गिनती में आते हैं, अगर कोई उंगली 🖕 ना करें तो!
कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये
ना पेशी होगी ना गवाह होगा अब जो भी हमसे उलझेगा बस सीधा तबाह होगा
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
मिलना है जो गैरों से तो साफ ही कह दो, यूं रूठ के जाने का बहाना अच्छा नहीं लगता
मुझे पसंद है शांत रहना इसे मेरी कमजोरी मत समझना |💪
तुझे शिकायत है कि मुझे बदल दिया वक़्त ने कभी खुद से भी तो सवाल कर क्या तू वही है
रफ्तार तो हमारे खुन में है, इसलिए हम हर बार जीतते है ।
हैसियत का कभी अभिमान न करना उड़ान ज़मीं से शुरू और जमीं पे ही ख़त्म होती है 🦅