रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
सही वक़्त आने पर करवा देंगे हदों का एहसास कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं!
जिन्दगी जीते है हम शान से, तभी तो दुश्मन जलते है हमारे नाम से. 🔥
"तू मोहब्बत है मेरी इसलिए तो दूर है, अगर ज़िद्द होती तो शाम तक बाहों में होती !!"
चुप रहना ताकत है मेरी कमजोरी नहीं अकेले रहना आदत है मेरी मजबूरी नहीं..!
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
जो हमसे बात नहीं करते, वो दूसरों से हमारी ‘बात’ करते है ।
जुबान कड़वी ही सही मगर दिल साफ़ रखता हूँ कौन कब बदल गया सब हिसाब रखता हूँ
मैं जो हूँ सो हूँ लोगो की सोच से मुझे घण्टा भी फर्क नही पड़ता |🖕🖕
मिज़ाज में थोड़ी सख्ती लाजमी है हुजूर, लोग पी जाते समंदर अगर खारा ना होता।
मिजाज़ में थोड़ी सख़्ती भी होनी चाहिये साहब, लोग पी जाते अगर समन्दर खारा न होता !!"
खामोशी का अपना ही मजा है, नीव के पत्थर कभी बोला नही करते |
उसूलों पे चलना एक मेहेंगा शौक है, जो हर दो टके के इंसान के बस की बात नही..! 💯
जिस चीज़ का तुम्हे खौफ है, उस चीज़ का हमे शोक है |😎
वक़्त आने दीजिये साजिस नहीं शिकार करेंगे! 😎
"हैसियत की बात मत कर पगली, तेरी दौलत से बड़ा मेरा दिल है !!"
तुम सिर्फ मेरे हो अब इससे प्यार समझो या क़ब्ज़ा
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ,मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
शेर अपना इलाका जरूर बदलता है, पर इरादा नहीं..!! 💯
मुझे पसंद है शांत रहना इसे मेरी कमजोरी मत समझना |💪
लोगों ने सोचा तमाशा होगा,मैंने चुप रहकर बाजी पलट दी.
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
“कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बोहत से लोग है जिनका हिसाब करना है।”🔥🔥
हर धोके का हिसाब लेंगे, और तुम्हारा गुरुर चूर-चूर कर देंगे।
हो सके तो दिलों में रहना सीखो, गुरुर में तो हर कोई रहता है!
पहला प्यार और आखिरी एग्जाम को हम कभी सीरियस नहीं लेते 😎
जरुरत नहीं है हमे आज तेरी मोहब्बत की… कल जब थी तो तुझे गुरूर बहुत था…💯💯
फितरत तो कुछ यूं भी है इन्सान की बारिश ख़त्म हो जाए तो छतरी भी बोझ लगती है ✔️
मैं कुछ खास तो नही हुँ लेकिन, मेरे जैसे लोग कम है
जो हमसे बात नहीं करते, वो दूसरों से हमारी 'बात' करते है ।