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राखी का यह पावन पर्व, लाए जीवन में उजास 🌟, बचपन की हर याद, आज भी है मेरे पास। तेरी हर खुशी के लिए, मेरा अटूट विश्वास 👫, यह बंधन रहे अमर, यही है मेरी आस 🪔।

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

जो साथ दें उन्हें साथ रखें, पर दगाबाजों को औकात में रखें। 🔥🔥

बरसने दो उन्हे जो आज बरसते है, पर जीस दिन हम बरस गये ना तो समंदर छोटा पड जायेगा याद रखना |

झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .

गलतफहमी में ना रहना की जो लिखता हूँ तेरे लिए लिखता हूँ, क्यूँकि मेरे शब्द इतने सस्ते नही की तुझपे जाया करूँ।😠

बाप की चप्पल पहनने से, बेटा बाप नहीं बन जाता!😊

बर्दास्त करू तो डरपोक, और सामना करू तो बतमीज..!

घमंडी नही हूं साहब बस जहां दिल ना करे वहां जबरदस्ती बात करने की आदत नहीं मेरी..!😎🙏

हम मरेगें भी तो उस अंदाज से मरेगें, जिस अंदाज में लोग जीने को भी तरसते है

धूप का तो नाम बदनाम है ग़ालिब, जलते तो लोग एक दूसरे से हैं.

वाकिये तो अनगिनत है जिंदगी के, समझ नहीं आता कि किताब लिखू या हिसाब लिखूँ !😠

कुछ चीजे पैसों 💰 से नही मिलती और मुझे उन्ही चीजों का शौक हैं.😎

मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा… वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं

अपने कमाए हुए पैसों से खरीदो, शौक अपने आप कम हो जायेंगे..!!

फैसले सबके होंगे हुज़ूर , बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये

मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की हम आईना जमीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है.💪

गुनाह छोटा हो या फिर बड़ा हिसाब सबका होता है..!

हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी

जमाना क्या लुटेगा हमारी खुशियों को, हम तो खुद खुशियाँ दूसरों पर लुटा कर जीते हैं

बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..

हथियार तो सिर्फ शोक के लिए रखा करते हैं, खौफ के लिए तो बस नाम ही काफी है..!!🔫

शेर घायल है मगर दहाड़ना नहीं भूला एक बार में सौ को पछड़ना नहीं भूला

परख ना सकोगे ऐसी शख्सियत है मेरी, मैं उन्हीं के लिए हूं जो जाने कदर मेरी..🙏

नाम बनाने के लिए दिल ❤️ से नहीं दिमाग 🧠 से चलना पड़ता हैं..!

कैसे भरोसा कंरू गैरो के प्यार पर, यहां अपने ही मज़े लेते है अपनों की हार पर|😠😠

मुझे अब महफिलों में लौट कर आना पड़ेगा, फर्क होता है बाप और बेटे में, बताना पड़ेगा।😠

मेरा Attitude तो मेरी निशानी है, तु बता तुझे कोई परेशानी है 😠

लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं

तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज़्यादा किया था, अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।😠😠

औकात की बात न करो अगर दिखा दी मेने तो वजूद मिट जायेगा तुम्हारा