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बडा अजीब सा खोफ था उस शेर की आँखो मे.. जिसने जंगल मे हमारे जूतो के निशान देखे थे….!!

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर , खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!

घायल हु पर याद रखना घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज़ादा खतरनाक होती है

मेरी बदमाशी का अंदाज़ा इससे लगाओ जब मैं 😎 शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश ही कहते थे। 😠

हम मरेगें भी तो उस अंदाज से मरेगें, जिस अंदाज में लोग जीने को भी तरसते है

हौसले का सबूत देना था, इसलिए ठोकर खाकर भी मुस्कुरा पडे.!😊

कमज़ोर बदला लेते है मजबूत माफ़ करते है समझदार नज़रअंदाज़ करते है |❤️‍🔥

लौटना मत भूल के भी, इश्क़ से नफरत हो चुकी है अब।😠😠

हम तो चाहते है कि लोग हमसे नफरत करें मोहब्बत भी तो लोग कौन सी सच्ची करते है |😠

नहीं है मेरी फितरत में ये आदत, वरना तेरी तरह बदलना मुझे भी आता है.😊😊

वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है

कुछ लोग अनोखे होते हैं, सामने हंसते पीछे डसते हैं |

वो मंज़िल ही बदनसीब थी, जो हमे न पा सकी वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे |😎

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते

बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं,इसलिए लोग इज्ज़त से नही, मेरी इजाज़त से मिलते है।

इलाज बीमारी का होता है शक का नही।

Everyone deserves second chances but not for the same mistakes.

दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है

I don’t fear commitment, I fear wasting my time.

बादशाह तो में कहीं का भी बन सकता हूँ, पर तेरे दिल की नगरी में हुकूमत करने का मज़ा ही कुछ अलग है.....!

वो दोस्त मेरी नजर में बहुत माएने रखते है, वक़्त आने पर सामने जो मेरे आइने रखते है…..!

इरादे साफ़ है, तभी तोह लोग खिलाफ है.🔥🔥

खुदा का खौफ है वरना खेलना हमे भी आता है.😎

हैसियत की बात ना कर दोस्त, तेरी जेब से बड़ा मेरा दिल है .

वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है

आप अच्छे है अच्छे ही रहो, बुरे है हम हमसे दूर रहो!😎😎

If you like me Then raise your hand, If not then raise your standard.

मिजाज़ में थोड़ी सख़्ती भी होनी चाहिये साहब, लोग पी जाते अगर समन्दर खारा न होता !!"

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

लोग वाकिफ हैं मेरी आदतों से रूतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ |

शौक नहीं है हर किसी के साथ मशहूर होने का, अगर बदनाम होंगे तो भी अपने दम पर.