प्यारे बेटे, जन्मदिन की ढेरों बधाई! तुम हमारे लिए एक अनमोल उपहार हो। तुम्हारा भविष्य उज्ज्वल हो, खुशियों से भरा और हर कदम पर सफलता मिले। 🎉🎁💙
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा , तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
नसीब के आगे जुकूंगा नहीं, थककर जरूर बैठा हूं मगर रूकूंगा नहीं |💪☺️
फितरत में ही नहीं है हर किसी का हो जाना, वरना न प्यार कि कमी थी न प्यार करने वालों की❤️🔥
जो हमसे जले थोड़ा साइड से चले...🔥🔥
जब मतलब न हो तो बोलना तो दूर लोग देखना तक छोड़ देते है
नाम बनाने के लिए दिल से नहीं दिमाग से चलना पड़ता हैं |💯
वक़्त ने बता दी लोगों की औकात वरना हम भी वो थे जो सबको अपना केहते थे
हम क्या हैं वो सिर्फ हम जानते हैं 😠 लोग सिर्फ हमारे बारे में अंदाजा ही लगा सकते हैं 😎
“इतना ऐटिटूड मत दिखा जानेमन, क्योंकि तेरी जवानी से ज़ादा, हमारे तेवर गरम है।”❤️🔥
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
पहचान बड़े लोगो से नहीं, साथ देने वाले लोगो से होनी चाहिए |🧑🏻🤝🧑🏻
जीत हासिल करनी हो तो क़ाबिलियत बढ़ाओ ! क़िस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी मिला करती है !!"
कदर करनी है तो जीते जी करो अर्थी उठाते वक़्त तो नफरत करने वाले भी रो पड़ते हैं.......
तजुर्बे ने शेरों 🦁 को खामोश रहना सिखाया है,, क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..✔️
जरूरत से ज्यादा इज्जत,और वक्त देने से लोग बदल जाते है।💯💯
कोशिश तो सबकी जारी है, वक़्त बताएगा कोन किसपे भारी है..|✌🏽💪
रब देकर भी आजमाता है और ले कर भी .
जंगल में शेर दहाड़ता नहीं..उसकी ख़ामोशी दहसत मचाती हैं 🐅
जहाँ सच✅ ना चले वहां झूठ❎ ही सही जहाँ हक🤗 ना चले वहां लूट ही सही😈
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
औकात में रखना था जिसे, गलती से दिल में रख लिया उसे |
तू मेरी नक़ल तो कर लेगा, लेकिन बराबरी कैसे करेगा..!!🔥
“अकड़ उतनी ही दिखाना जितनी तेरी औकात हो,,!!” 😠
Show me, don't tell me.
लड़का हूँ कोई पेन्सिल नही, जो हर किसी पे लाइन मरूँगा।
शराफत की दुनिया का किस्सा खतम, अब जैसी दुनिया वैसे हम |
शोर करने वाले अगर खामोश हो जाये तो उनकी ख़ामोशी से सुकून नहीं खौफ आता है
अपनी पीठ से निकलें खंजरों को जब गिना मैंने, ठिक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने।😊😊
तंग नहीं करते हम उन्हें आजकल, यह बात भी उन्हें तंग करती है.
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!