थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर, मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा !!
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
लोगो को गोली की तरह लगती है बातें मेरी मतलब मेरा निशाना बहुत अच्छा है
जंगल के उसूल वही जानता है जिसकी यारी शेरो के साथ होती है |
I might not be perfect, but neither are you..So go and check your mistakes, before rating mine.
मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम
नाम रुतबा शोहरत अपने दम पर कमाओ दूसरों के दम पर तो सिर्फ जनाज़े उठा करते हैं 😎
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
ऊपर से खामोश अन्दर से तूफ़ान समुन्दर की तरह है तेरे भाई की पहचान
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
खेल तो तेरे साथ भी खेला 😠 जाएगा लेकीन नियम हमारे होंगे ! 😎
"तू मोहब्बत है मेरी इसलिए तो दूर है, अगर ज़िद्द होती तो शाम तक बाहों में होती !!"
कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️
हम तो दिल के बादशाह है जो सुनते भी दिल की है और करते भी दिल की है
ऐटिटूड तो बच्चे दिखाते है हम तो लोगो को उनकी औकात दिखाते है
शक नहीं पूरा यकीन है..कोई किसी का नही होता..
मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..💯
The only reason people are talking behind your back is because you are already ahead of them.
तुम दिमाग की बात करते हो यहाँ दिल से भी सर फिरा हु मैं
फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं
गुनाह छोटा हो या फिर बड़ा हिसाब सबका होता है..!
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।
नफरत भी हम हैसियत देख कर करते है.. प्यार तो बहुत दूर की बात है। 🔥🔥
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
मुझे नफरत पसंद है, लेकिन दिखावे का अपनापन नहीं 😠
खेल तो तेरे साथ भी खेला जाएगा लेकीन नियम हमारे होंगे !
वक़्त ने बता दी लोगों की औकात वरना हम भी वो थे जो सबको अपना केहते थे
वो मंज़िल ही बदनसीब थी, जो हमे न पा सकी वरना जीत की क्या औकात जो हमे ठुकरा दे |😎
बेमतलब की ज़िन्दगी का सिलसिला अब ख़त्म, अब जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम.😎
किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे
When Sum One Hates You for no reason. Give them a reason.