जिंदगी की उलझनों 🤩 ने मेरी शरारतें कम कर दीं, और लोग समझते है कि मैं समझदार 🤔 हो गया ।
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
There are two ways to be happy: Change your situation, or change your mindset towards it.
माना किस्मत और औरत तंग बहुत करती हैं, लेकिन जब साथ देती हैं तो किस्मत बदल देती हैं!💯
दहशत आँखो में होनी चाहिए, हथियार तो चौकीदार भी रखते है
“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!
हमको मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं, हमसे ज़माना है ज़माने से हम नहीं.🔥
शेर खुद अपनी ताकत से राजा कहलाता है, जंगल मे चुनाव नही होते..!!🦁
अकेले है कोई ग़म नहीं जहां इज़्ज़त नहीं वहाँ हम नहीं 🔰♠️
बाप के सामने अय्याशी… और हमारे सामने बदमाशी.. बेटा, भूल कर भी मत करियो..
कुछ लोग अनोखे होते हैं, सामने हंसते पीछे डसते हैं |
किसी ने क्या खूब लिखा है , मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब ..
उसूलों पे चलना एक मेहेंगा शौक है, जो हर दो टके के इंसान के बस की बात नही..! 💯
खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है
दहशत बनाओ तो शेर जैसी, बरना खाली डराना तो कुत्ते भी जानते है |💯
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
अजीब सी आदत है अपनी, नफरत हो या मोहब्बत बड़ी शिद्दत से करते हैं ।🔥🔥
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया , वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
हम तो झुके थे तेरे इश्क में तूने, तो गिरा हुआ ही समझ लिया |
जिंदगी अपनी है तो,😊 अंदाज भी अपना ही होगा🤙
I'm no longer afraid of losing people who aren't afraid of losing me too
नहीं बदल सकते हम खुदको औरो का हीसाब से, एक हिसाब मुझे भी दिया है , खुदा न अपना हिसाब से ..
अपनी पीठ से निकलें खंजरों को जब गिना मैंने, ठिक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने।😊😊
कुछ चीजे पैसों 💰 से नही मिलती और मुझे उन्ही चीजों का शौक हैं.😎
माफी गलतियों की होती है गुनाहों की नहीं! 💯
चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये, बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये |
I don't trust easily. So when I tell you that "I trust you", please don't make me regret it.
शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…
जंगल में शेर दहाड़ता नहीं..उसकी ख़ामोशी दहसत मचाती हैं 🐅
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
जो होगा देखा जाएगा पर उठाया कदम अब पिछे नही हटेगा!