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कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

I get jealous but i will never show it.

हमारे बीच अब कोई ताल्लुकात नही रहा बाकी, तुम्हारी मर्जी अब जो चाहे सोच सकते हो.......!!

मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है

वफादारी मिलेगी हर रिश्ते में जब बात होटों से नहीं नोटों से होगी!

हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही

जंग भीड़ से नहीं, जिगर से जीती जाती है.💪

जिंदगी अपनी है तो,😊 अंदाज भी अपना ही होगा🤙

दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं. 😠

हम ऊंची आवाज़ पसंद नहीं करते, ख़ामोश रहो या औकात में 😠😠

You think I’ve changed. Truth is you never really knew the real me.

दुश्मन तो बहुत है 😠 पर वो कहते है, ना शेर का शिकार कुत्तों 🐕 से नहीं होता |

मेरा Attitude भगवान् का दिया तोहफा है…कोई मुझसे ये छीन नहीं सकता।”

में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे

दावे मोहब्बत के मुझे नहीं आते यारो, एक जान है जब दिल चाहे मांग लेना......!

लोग दिखावे के दीवाने है और हम है की "सच्चाई" मुंह पर बोल देते है...!

तेरे Attitude से लोग जलते होगे, मगर मेरे Attitudeपर तो लोग मरते है...!!

दिल तो आशिक तोड़ते है, हम तो Record तोड़ते है..!!💪

एक्का चाहे कितना भी शातिर क्यो न हो, आख़िर रानी तो बादशाह 😎 की ही होती है..

नफरत भी हम हैसियत देख कर करते है.. प्यार तो बहुत दूर की बात है। 🔥🔥

न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम

समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान

हम वक़्त के साथ शौक बदलते है दोस्त नहीं

रुकना हमें आता नहीं, और झुकना हमने कभी सीखा नहीं।

सीधी सी बात है यार तुम बिछड़ गए... और हम बिगड़ गए |

मुझे नफरत पसंद है, लेकिन दिखावे का अपनापन नहीं 😠

आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..

जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |😠

हम तो बुरे है साफ कहते है , पर तुम जैसो से तो ऊपर वाला बचाए

गरीब थी बेचारी कुछ नहीं था देने को इसी लिए धोखा दे कर चली गई

जमाने में इतना दम कहा जो हमे मिटायें, जमाना हमसे है हम जमाने से नही |