कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात , न ज़ज्बात
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
जीत हासिल करनी हो तो क़ाबिलियत बढ़ाओ ! क़िस्मत की रोटी तो कुत्तों को भी मिला करती है !!"
The only difference between a good day and a bad day is your attitude.
नफ़रत , इश्क़ , मोहब्बत जो भी हो हक़ से दीजिए , वरना रहने दीजिए !!😊😊
जो खोटे सिक्के कभी न चले बाजार में, वो कमियां ढूंढ रहे हैं हमारे किरदार में!
To all the girls that say gentlemen don't exist anymore: They do exist but gentlemen are attracted to ladies. Not sluts.
मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा
शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है; जंगल मे चुनाव नही होते
आज कल वो लोग भी कहते है कि हमारा तो नाम ही काफी है… जिनको गली में 2 लोग भी नही जानते है। 😂😂
Someone Asked me what is UR attitude then i simply replied... " BEING SINGLE IS MY ATTITUDE…"
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
तमीज में रहो वरना बदतमीज हम भी है 😊
ब्लॉक कर दे मुझको वरना प्यार हो जायेगा तुझको
मुझे फ़र्क नही पड़ता लोग मुझे पसंद करे या ना करें, क्योंकि मैं पैदा किसी को Impress करने के लिये नहीं हुआ.😎
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
जैसी DP वैसा मैं !!
"हमसे बात करनी हो तो दिल से करना, क्योंकि time pass तो में selfie लेकर भी कर लेता हूँ !!"
लोग कहते है खुश रहो...काश रहने भी देते 😊
दिमाग कहता है मारा जायेगा लेकिन दिल कहता है देखा जाएगा
हम अपना #status दिलो पर #update करते है #facebook पर नहीं|
My life ,my rule,that’s my attitude…
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
Im not selfish but whats Mine is MINE . End of story
पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं😎
जंगल में फिर खौफ 🤫 छा रहा है सुना है घायल शेर 🦁 फिर वापस आ रहा है !
"खैरात में मिली ख़ुशी हमें पसंद नहीं, हम अपने ग़मो में भी रहते हैं नवाबो की तरह !!"
ताश के पतो की तरह हूँ जिस दिन चलूँगा, उस दिन बाजी पलट दूंगा..!
Never give up on something you love
सिर्फ तेरे दीदार के लिये आते हैं तेरी गलियों में, वरना आवारगी के लिये तो पूरा शहर पड़ा है !!"
मुझे फुर्सत मैं याद करना हो तो मत करना, मैं तनहा ज़रूर हूँ मगर फ़िज़ूल नहीं !
जो हमसे जले थोड़ा साइड से चले...🔥🔥