अकेला रहता हूँ नवाब की तरहा छोटे झुण्ड में रह कर कुत्ता बनने की आदत नहीं
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
यू ना कहो के ये किस्मत की बात है... मुझे बर्बाद करने में तुम्हारी भी हाथ है...
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....💕
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ , राख के नीचे आग दबी होती है ..
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
जरूरत से ज्यादा इज्जत,और वक्त देने से लोग बदल जाते है।💯💯
There’s a difference between somebody who wants you and somebody who would do anything to keep you. Remember that.
"Respect is for those who deserve it, not for those who demand it.."
'देख ली हमने जमाने की यारी मतलब निकल जाने के बाद दूर हो जाते है बारी बारी।" 💯
घाटे और मुनाफे का बाज़ार नहीं, इश्क़ एक इबादत है, कारोबार नहीं..!!🔥
मैं जो हूँ सो हूँ लोगो की सोच से मुझे घण्टा भी फर्क नही पड़ता |🖕🖕
अगर कोई आपको, नीचा दिखाना चाहता हैं तो इसका मतलब हैं, आप उससे उप्पर हैं...
समंदर की तरह है हमारी पहचान, ऊपर से खामोश और अंदर से 'तूफान'।
शराफत का जमाना ही नहीं रहा साहिब, किसी को इज्ज़त दो तो वो कमज़ोर समझ लेता है !!✔️✔️
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” 😎😎
हा अमीर तो नहीं हूं में पर जमीर ऐसा है जिसकी कभी बोली नहीं लग सकती
दोस्ती और दुश्मनी दोनों ही मज़ेदार है बस निभाने का दम होना चाहिए
I trusted you but now your words mean nothing to me, because your actions spoke the truth.
गुलामी तो तेरे इश्क की हे वरना, ये दिल कल भी नवाब था और आज भी हे!!🔥🔥
वक़्त आने दो बेटा जवाब भी देंगे हिसाब भी लेंगे और कह के लेंगे
किसी ने कहा तुम बहुत अच्छे हो, मेने कहा यही तो खराबी है ।
इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते है, चर्चे अगर उसकी बुराई पर हो तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं.
तू चालाकी से कोई चाल तो चल, जीतने का हुनर मुझ में आज भी हैं ! 😎
खैरात में मिली हुई ख़ुशी हमे पसंद नहीं है, क्योंकि हम गम में भी नवाब कि तरह जीते हैं..|😎
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
सहारे ढूंढने की जरूरत नहीं हमारी, हम अकेले ही पूरी महफ़िल के बराबर है |💪
कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️
तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज़्यादा किया था, अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।😠😠
तू मोहब्बत थी इसलिए तुझे भाव दिया , वरना इग्नोर करने में मैंने पीएचडी की है
ताकत अपने लफ्जों में डालो आवाज़ में नहीं क्योंकि फसलें बारिश से उगती है बाड़ से नहीं