Skip to Content

May the festive glow of Onam illuminate your path, bringing peace, prosperity, and the enduring happiness of family togetherness.

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....💕

मुझे फुर्सत मैं याद करना हो तो मत करना, मैं तनहा ज़रूर हूँ मगर फ़िज़ूल नहीं !

The bravest thing I ever did was continuing my life when I wanted to die.

हैसियत की बात ना कर दोस्त, तेरी जेब से बड़ा मेरा दिल है .

“रास्ते मुश्किल है पर हम मंज़िल ज़रूर पायेंगे ये जो किस्मत अकड़ कर बैठी है इसे भी ज़रूर हरायेंगे।”😊

मुझे पसंद है शांत रहना इसे मेरी कमजोरी मत समझना |💪

हमसे दूर रहा करो, लोग हमें मतलबी कहते हैं.

अजीब सी आदत है अपनी, नफरत हो या मोहब्बत बड़ी शिद्दत से करते हैं ।🔥🔥

फर्क है दोस्ती और मोहब्बत में बरसों बाद मिलने पर मोहब्बत नजरें चुरा लेती है और दोस्ती गले लगा लेती हैं

“बात” उन्हीं की होती है, जिनमें कोई “बात” होती है..!

छोङ देता, लेकिन जीत मेरी जिद है, और जिद का मै बादशाह हूँ..

Good girls are bad girls, who never get caught.

If there is no one to hold your hand put your hands in your pocket and continue your walk.

पहले में भी खिलाडी था, अब पूरा खेल हूँ।

सिर्फ तेरे दीदार के लिये आते हैं तेरी गलियों में, वरना आवारगी के लिये तो पूरा शहर पड़ा है !!"

सहारे ढूढ़ने की आदत नहीं हमारी, हम अकेले पूरी महफ़िल के बराबर हैं।

हम समंदर है हमें खामोश ही रहने दो जरा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे |🌊

खुदा का खौफ है वरना खेलना हमे भी आता है.😎

"आदमी का अमीर होना जरूरी नहीं है जमीर होना जरूरी है।" 💯

मुझे अब महफिलों में लौट कर आना पड़ेगा, फर्क होता है बाप और बेटे में, बताना पड़ेगा।😠

सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो

हम अपना Attitude तो वक्त आने पर दिखाएंगे, शहर तू खरीद उस पर राज़ करके हम दिखाएंगे।😤

ना बिका हूं, ना कभी बिक पाउंगा, ये मत समझना की में भी औरों जैसा हूं |

पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं😎

अकड़ बहुत हैं हमने माना , तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे

कुछ बनना ही है तो समंदर बनो लोगों के पसीने छूटने चाहिए तुम्हारी औकात नापते-नापते

एक अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा है..!

सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से है, पर हम दुनिया नहीं दिल ❤️ जितने आये हे।

तारीखों में क्या रखा है वक्त बदलने के लिए एक पल ही काफी है ...