I miss the fun we used to have Together.
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
हमारी सोच और पहचान दोनो ही, तेरी'औकात' से बाहर हैं।
Take care of Your Status, don’t be care taker of My Status
तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम ‘जान’ दे देते हैं, मगर ‘जाने’ नहीं देते !!
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उस्सकी औक़ात सी ज़्यादा.
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
जो नहीं है हमारे पास वो ख्वाब हैं, पर जो है हमारे पास वो लाजवाब हैं..!!😊
हम तो दिल के बादशाह है जो सुनते भी दिल की है और करते भी दिल की है
उम्मीद जिंदा रखिये जनाब, आज हसने वाले कल तालियां भी बजायेंगे |😎
Sorry, but i dont need part time people in my life. Why? Cause' fuck you that's why.
I m not that someone anymore
मैं अपने खिलाफ बाते अक्सर ख़ामोशी से सुनता हूं, जवाब देने का काम मैंने वक़्त को दे रखा है |😎
Real men talk about women in a respectful manner.
जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन, क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने, न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले ......!
मुझे मत ढूंढो हजारो मै हम बीका नहीं करते बाजारों मै
मिलना है जो गैरों से तो साफ ही कह दो, यूं रूठ के जाने का बहाना अच्छा नहीं लगता
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
जब दोस्त ही शामिल हो दुश्मनो की चाल में तब शेर भी फस जाता हैं मकडी के जाल में..! 😠😠
So many different mood in one day
डंके की चोट पर सच कहती हूं,हिम्मत मेरी रगों में है।
i may not be the girl that everyone wants, but at least i am not the girl everyone had.
अगर गलतियां निकालने का इतना ही शौक है तो शुरुआत ख़ुद से करना!
मेरी जिंदगी का उसूल है, सांस लेना छोड़ देंगे पर साथ देना नही! 😎
सिर्फ पापा का प्यार सच्चा होता है पापा की परियों का नहीं
"चुप हूँ तो खुद को शहनशाह मत समझ बोलने पर आया तो तुझे तेरी औकात दिखा दूंगा..!
हम तो दिल ❤️ के बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है |
Dear broken hearted girls , Hold your head up high and you middle finger higher , let him know what he is missing
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे , क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
किनारा न मिले तो कोई बात नहीं दूसरों को डुबोकर मुझे तैरना नहीं है..
कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है, EGO के लिए नही, SELF-RESPECT के लिए...
आज कल लोग दुआ में कम बुराईयों में ज्यादा याद रखते हैं 😊