I came from a real tough neighborhood. Once a guy pulled a knife on me. I knew he wasn’t a professional, the knife had butter on it.
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
आजाद रहिये विचारों से ,लेकिन बंधे रहिये अपने संस्कारों से.
जो मेरे मुकद्दर में है वो खुद चल कर आएगा, जो नहीं है उसे अपना खौफ लाएगा |
अब तो वो होगा जो दिल फरमाए गा बाद में जो होगा देखा जाए गा
फैसले सबके होंगे हुज़ूर , बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
दुनिया खामोशी भी सुनती है, लेकिन पहले दहशत मचानी पड़ती है |😠
पहला प्यार और आखिरी एग्जाम को हम कभी सीरियस नहीं लेते 😎
मिज़ाज में थोड़ी सख्ती लाजमी है हुजूर, लोग पी जाते समंदर अगर खारा ना होता।
चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये, बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये |
डंके की चोट पर सच कहती हूं,हिम्मत मेरी रगों में है।
तुम जलते रहोगे आग 🔥 की तरह, और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह| 🥰
बेटा झूले पे झूल लेकिन अपनी औकात मत भूल
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
फायदा सबसे गिरी हुई चिज है लोग उठाते ही रहते है
गुनाह छोटा हो या फिर बड़ा हिसाब सबका होता है..!
दहशत आँखो में होनी चाहिए, हथियार तो चौकीदार भी रखते है
शौक नहीं है हर किसी के साथ मशहूर होने का, अगर बदनाम होंगे तो भी अपने दम पर.
I don’t care for people, who don’t care for me.
आज नज़र अंदाज़ कर रहे हो, कल याद करोगे..।😎
मुझे समझना इतना आसान नहीं.. गहरा समुंदर हूं खुला आसमान नहीं...😎
मुझे ख़ुद को बेक़सूर सबित करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैं बेक़सूर हूँ। 💯
परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा चाहे कोई कितना भी बड़ा नवाब हो |💪💪
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाएं.. तो उन्हें आज़ाद कर देना चाहिए..
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है हमें , खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें
बस यहीं बात लोगों को बतानी हैं, मेरी हर ख़ामोशी के पीछे एक " कहानी" हैं..!
हम तो दिलके बादशाह हैं, जो सुनते भी दिल की है, और करते भी दिल की है
जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
रहते है आसपास ही लेकिन साथ नहीं होते, कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस खाक नहीं होते...
हम मरेगें भी तो उस अंदाज से मरेगें, जिस अंदाज में लोग जीने को भी तरसते है