વહાલી દીકરી, તારા જન્મદિવસ પર તને ખૂબ ખૂબ પ્રેમ અને આશીર્વાદ. તારી શક્તિ, સમજદારી અને આત્મવિશ્વાસ અમને ગર્વ અનુભવાવે છે. તારા બધા સપના સાકાર થાય અને તારું જીવન ખુશીઓથી છલકાઈ જાય! 🎂✨💕
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
मौत का खौफ उन्हें दिखाओ जो ज़िन्दगी से प्यार करते है हम ऐसे नवाब है जो हमेशा मौत का इंतज़ार करते है
शराफत की दुनिया का किस्सा खतम, अब जैसी दुनिया वैसे हम |
ख्वाब टूटे हैं मगर हौसले जिंदा है , हम वह है जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं
कुत्ता है तू भोका कर दहाड सिर्फ हमारी पेहचान है..!
उड़ने दो मिट्टी कहाँ तक जाएगी हवा का साथ छूटेगा ज़मीन पर ही आएगी
अब मैं जब भी आऊंगी बस याद ही आऊंगी...!!
नज़रअंदाजी का बड़ा शौक था उनको, हमने भी तोहफे में उनको उन्ही का शौक दे दिया
महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है।
हम समंदर है हमें खामोश ही रहने दो जरा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे |🌊
कमज़ोर बदला लेते है मजबूत माफ़ करते है समझदार नज़रअंदाज़ करते है |❤️🔥
खैरात में मिली हुई ख़ुशी हमे पसंद नहीं है, क्योंकि हम गम में भी नवाब कि तरह जीते हैं..|😎
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
हम मुश्किल वक़्त मैं भी मुस्कुराते है क्योंकि हम मुश्किलो से हारते नहीं उन्हें हराते है
हम जरा खामोश क्या हुए नादान कुत्ते भी आज शोर मचाने लगे..!
शौक नहीं है हर किसी के साथ मशहूर होने का, अगर बदनाम होंगे तो भी अपने दम पर.
नहीं चाहिए वो सब जो मेरी किस्मत में नहीं, भीख मांग कर जीना मेरी फितरत में नहीं.......!
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मौज़ लो , रोज़ लो , ना मिले तो ख़ोज लो
मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की हम आईना जमीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है.💪
देख ली इस दुनिया की यारी बदल गए सब बारी बारी ! 🙏
अक्सर वही लोग उठाते है हम पर उंगलियां जिनकी औकात हमें छूने की नहीं होती
आदत नहीं हमें पीठ पीछे वार करने की, दो शब्द कम बोलते हैं पर सामने से बोलते हैं 🔥
बदनामी से डरते है साहब बदमाशी से नहीं..
अपनी पीठ से निकलें खंजरों को जब गिना मैंने, ठिक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने।😊😊
हक़ से दो तो तेरी नफरत भी कुबूल है, खैरात में तो हम तुम्हारी मोहब्बत भी न लें.
अंदाजा लगाना छोड़ दो हमारे बारे में..तुम सिर्फ उतना ही जानते हो, जितना हमने बता रखा है..😎😎
मिलना है जो गैरों से तो साफ ही कह दो, यूं रूठ के जाने का बहाना अच्छा नहीं लगता
पैदा तो हम भी शरीफ हुए थे, पर शराफत से अपनी कभी बनी ही नहीं | 😎
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की क्योकि शेर पैदा होते हैं बनाए नहीं जाते 🦁