પ્રકાશના આ પર્વે, હૃદયમાં હૂંફ અને સ્નેહનો સંચાર થાય, દુષ્ટતા પર સદ્ગુણનો વિજય, જીવનમાં નવચેતના જગાય. આપના સૌ કાર્યોમાં સફળતા મળે, સુખ-શાંતિનો વાસ થાય, દિવ્ય આશીર્વાદથી આપનું જીવન સદાય પ્રકાશિત રહે. ✨
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की, क्योंकि शेर पैदा होते हैं बनाए नहीं जाते !!"
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है
ऐसी वैसी बात पर धयान मत दो बाप है तुम्हारे हमे ज्ञान मत दो
लौट के आया हूं हिसाब करके जाउंगा, हर एक को उसकी औकात दिखाके रहूंगा..!
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
“मशहूर होने का शोक नहीं है, लेकिन क्या करे लोग नाम से ही पहचान लेते है।” 😎😎
लोग कुछ भी कहे, हम वही करेंगे जो हमे अच्छा लगे, क्योंकी वो वो है और हम हम है..💯
हाथ पकड़ ले अब भी तेरी हो सकती हूँ मैं, खैर छोडो..भीड़ बहुत हैं, इस भीड़ में खो भी सकती हूँ मैं.❤
ज़रा सी बदनामी भी होनी चाहिए मोहब्बत में, वरना यह ज़माना आशिक नहीं कहेगा तुमको.!
Nobody can teach me who I am.
तुझे क्या लगता है तेरे जाने से गम होगा, नहीं मेरी जान बस एक कॉन्टैक्ट कम होगा
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
Choose me or lose me. I am not a backup plan, and definitely not a second choice.
कर लो नज़र अंदाज अपने हिसाब से , जब हम करेंगे तो बेहिसाब करेंगे
दुश्मन का शोर हमें बताता है, के हमारे वार में कितना असर है।
वफादार और तुम….?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम……?? इल्जाम भी अच्छा है….!!
तमाशा तो सच का होता है, झूठ की तो तारीफ़ होती हैं!😠
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना…
कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️
वफादारी मिलेगी हर रिश्ते में जब बात होटों से नहीं नोटों से होगी!
मुकाबला भी करेंगे छोटे पहले तू बराबरी तो कर ले..💪
हम अपनी मिसाल खुद हैं, किसी और जैसा बनने कि तमन्ना नहीं रखते..
शर्त घोड़ो पर लगाई जाती हैं, शेरों पर नहीं..!
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे , अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !
में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा
हम तो झुके थे तेरे इश्क में तूने, तो गिरा हुआ ही समझ लिया |
हम बाते हालत के हिसाब से करते है
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है