નવી સવાર, નવી શરૂઆત! આજના સૂર્યપ્રકાશની જેમ તમારું જીવન પણ તેજસ્વી બને. આંતરિક શક્તિ અને દયા સાથે દરેક ક્ષણને જીવો, સફળતા તમારા કદમ ચૂમે. શુભ સવાર! ☀️🌅💛
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे….मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे!
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
अगर बाज़ 🦅 की तरह उड़ना है.. तो कबूतरों का साथ छोड़ना पड़ेगा.!!💯
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरो की तरह ये आदत नहीं हमारी |❤️🔥
कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा , तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा
इश्क़ की पतंगे उड़ाना छोड़ दी हमने वरना, हर हसीना की छत पर हमारे ही धागे हुआ करते थे।😎
धुप मैं तो काच के तुकडे भी चमकते हैं, पर हिरे की पहचान तो अंधेरे मैं होती हैं…
ना पेशी होगी, न गवाह होगा, अब जो भी हमसे 😠 उलझेगा बस सीधा तबाह होगा | 🔥
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
नील गगन का आजाद पंछी जमाने की क़ैद से परे....💕
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे है
सुना है तुझमे बोहोत दम है, बेटा इस बार तेरे सामने हम हैं💪💪
You left without a reason, so please don't come back with an excuse.
If you want me, come and get me. If you want me to come, forget it.
अंधेरे में रह कर देखो जनाब उजाले से नफरत हो जाएगी!
हम अपना status दिलो पर update करते है WhatsApp पर नहीं
मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना क्युंकी, मेरी दुश्मनी का नुकसान सह नही पाओगे |
Real men talk about women in a respectful manner.
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ,मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
खुदा ने मुझे बहुत वफ़ादार दोस्तों से नवाज़ा है याद मैं ना करूं तो कोशिश वो भी नहीं करते |
घाटे और मुनाफे का बाज़ार नहीं, इश्क़ एक इबादत है, कारोबार नहीं..!!🔥
मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..💯
बदनामी से डरते है साहब बदमाशी से नहीं..
हमें मत सिखा बदमाशी के कानून, अगर हमनें शराफत छोड़ दी तो तू बकील ढूँढता रह जायेगा 😤😤
मेरे जीने का तरीक़ा ज़माने से अलग है मैं इशारों पे नहीं ज़िद पर जीता हूँ
कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️
हम तो चाहते है कि लोग हमसे नफरत करें मोहब्बत भी तो लोग कौन सी सच्ची करते है |😠
हम थोड़े खामोश क्या हुऐ, कुछ लोगो ने तो हमे बेजुबां ही समझ लिया |❤️🔥
तू मेरे गुनाहों का हिसाब मत लगाना, किताब तुम्हारी भी ज्यादा साफ नही है
तमीज में रहिये जनाब इज़्जत मुफ्त में दूंगा