ગૃહસ્થ એક તપોવન છે, જેમાં સંયમ, સેવા અને સહિષ્ણુતા ની સાધના કરવી પડે....
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
औकात सोच से बनती है, पैसों से नही |
'देख ली हमने जमाने की यारी मतलब निकल जाने के बाद दूर हो जाते है बारी बारी।" 💯
खिलाड़ी अगर टक्कर का हों, तभी खेलने में मज़ा आता है |💪👑
Girls are like parking spaces, all the good ones are already taken.
वक़्त ने बता दी लोगों की औकात वरना हम भी वो थे जो सबको अपना केहते थे
दिलों की बात करता है, जमाना, पर मोहब्बत आज भी, चेहरे से शुरू होती है |🖤
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।
Dont judge my choices without understanding my reasons.
A gentleman makes commitments. A loser makes promises.
दोस्तों के दिल ❤️ में और दुश्मन के दिमाग 🧠 मे रहना आदत है हमारी..😎
हम अपना Attitude तो वक्त आने पर दिखाएंगे, शहर तू खरीद उस पर राज़ करके हम दिखाएंगे।😤
सिक्का दोनों का होता है हेड का भी ओर टेल का भी पर वक़्त उसी का आता है जो पलट कर ऊपर आता है |
हमारे जैसे बनने की कोशिश मत करो शेर 🦁 पैदा होते हैं बनाये नहीं जाते !
रिश्ते उन्ही से बनाओ, जो निभाने की ओकात रखते हो..
सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से है, पर हम दुनिया नहीं दिल जितने आये हे।❤️🔥
डंके की चोट पर सच कहती हूं,हिम्मत मेरी रगों में है।
अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे
I am who i am and i won't change for anyone.
फितरत में ही नहीं है हर किसी का हो जाना, वरना न प्यार कि कमी थी न प्यार करने वालों की❤️🔥
झूठ इसलिए बिक जाता है क्योकि सच को खरीदने की सबकी औकात नहीं होती .
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
अंधेरे में रह कर देखो जनाब उजाले से नफरत हो जाएगी!
शौक नहीं मुझे मोहब्बत का नफरत भरी ज़िन्दगी से खुश हूँ मै
जिगर वालों को डर से कोई वास्ता नहीं होता, हम वहाँ भी कदम रखते हैं, जहाँ कोई रास्ता नहीं होता..!😎
गलतफहमी में ना रहना की जो लिखता हूँ तेरे लिए लिखता हूँ, क्यूँकि मेरे शब्द इतने सस्ते नही की तुझपे जाया करूँ।😠
Don't make time for them who don't make time for you.
हैसियत का कभी अभिमान न करना उड़ान ज़मीं से शुरू और जमीं पे ही ख़त्म होती है 🦅
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे.. फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा..!!
लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ, सर झुकाना नहीं आता तो झुकाए कैसे.
मैं अपनी अकड़ का दिवाना हु मोहब्बत मेरे पल्ले नहीं पड़ती