Skip to Content

हम तो दिल के बादशाह है जो सुनते भी दिल की है और करते भी दिल की है

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

तेरा सिर्फ दिमाग खराब है, काका मैं बंदा ही खराब हाय👿

बेमतलब की ज़िन्दगी का सिलसिला अब ख़त्म, अब जिस तरह की दुनिया उस तरह के हम.😎

उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं

तजुर्बे उम्र से नहीं बल्कि हालातों से होते हैं

शौक नहीं है हर किसी के साथ मशहूर होने का, अगर बदनाम होंगे तो भी अपने दम पर.

झुको केवल उतना ही जितना सही हो , बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है

हम समंदर है हमें खामोश ही रहने दो जरा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे |🌊

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

शराफत की दुनिया का किस्सा खतम, अब जैसी दुनिया वैसे हम |

अकेले है कोई ग़म नहीं जहां इज़्ज़त नहीं वहाँ हम नहीं 🔰♠️

सोच समझकर बात किया करो, मेरे हालात खराब है दिमाग नहीं.

शिकायत नहीं है मुझे किसी से बस नजरों से गिर गए है कुछ लोग ।

मुझे फ़र्क नही पड़ता लोग मुझे पसंद करे या ना करें, क्योंकि मैं पैदा किसी को Impress करने के लिये नहीं हुआ.😎

मत पूछिए हद हमारी गुस्ताखियों की हम आईना जमीं पर रखकर आसमां कुचल दिया करते है.💪

जिसको जो कहना💬 है कहने दो, अपना क्या जाता है, 😏 ये वक्त⏳वक्त की बात है, और वक्त⏱ सबका आता है😎

Two fundamentals of cool life – Walk like you are the king OR walk like you don’t care ,who is the king.

मैं बस खुद को अपना मानता हूँ क्योकि दुनियां कैसी है अच्छी तरह जानता हूं |😠😠

वो लडका हैं जनाब, प्यार में जन्नत दिखा देगा और नफरत में औकात भी!

कोरोना के डर से इतनी भी दूरी न बनाये, की आपका बाबू किसी और के काबू में आजाये

ताउम्र बस एक यही सबक याद रखिए , इश्क और इबादत में नियत साफ रखिए

मत पूछो कि कैसे हैं तुम कभी भूल नहीं पाओगे ऐसे हैं हम

गलतफहमी में ना रहना की जो लिखता हूँ तेरे लिए लिखता हूँ, क्यूँकि मेरे शब्द इतने सस्ते नही की तुझपे जाया करूँ।😠

कीमत तो दिलो की होती हैं वरना शक्ल तो कुत्तो की भी Cute होती हैं

औकात नहीं है दुश्मनो की आँख से आँख मिलाने की, और बात करते हैं साले घर से उठाने की..!!

समंदर की तरह है हमारी पहचान, ऊपर से खामोश और अंदर से 'तूफान'।

हमारी सोच और पहचान दोनो ही, तेरी'औकात' से बाहर हैं।

तुम जलते रहोगे आग की तरह,और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह

मैं बंदूक और गिटार दोनों चलाना जानता हूं, तय तुम्हे करना है कि तुम कौन सी धुन पर नाचोगी..!!🔫

कद्र हमारी भी करेंगे एक दिन ज़माने वाले, देख लेना बस, जरा ये भलाई की बुरी आदत छूट जाने दो…..!!🔥🔥

कितना भी समेट लो.. हाथों से फिसलता ज़रूर है.. ये वक्त है साहब.. बदलता ज़रूर है..!!❤️