रथ यात्रा के इस मंगलमय अवसर पर, भगवान जगन्नाथ आपको सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करें। उनकी भव्य रथ यात्रा आपके जीवन पथ को आलोकित करे, हर बाधा दूर हो। अटूट श्रद्धा और प्रेम से भरा हो यह पावन पर्व।
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
मोहबत है इसलिए जाने दिया …. ज़िद होती तो बाहों में ले लेते।
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
ईमानदारी, एक मंहगा 💰 शोख है।जिसको पूरा करना, सबके हैसियत की बात नहीं। 💯
"बादशाह नहीं बाज़ीगर से पहचानते हैं लोग हमें, क्योंकि हम रानियों के सामने झुका नहीं करते !!"
गिरे हुए लोगों को उठाना नही 😌 भूलना सीखो। 😈🖕
मुझसे नफरत तभी करना जब मेरे बारे में सब कुछ जान जाओ, तब नहीं जब किसी से सुना हो।😎
फैसले सबके होंगे हुज़ूर , बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
सपनों को पाने के लिए समझदार नही पागल बनना पड़ता है |💯
समझादो उन समझदारों को, कि कातिलो की गली मे भी दहशत हमारे ही नाम की है..!😤💪
यह दिल ही है जिसे हारने की आदत हो गई है, वरना जहां भी हमने दिमाग लगाया है, वहां फतेह ही पाई है..!😎
ना मीठे हैं और न बनने की कोशिश करते हैं, हम तो वो सच हैं जो सबको कड़वे लगते हैं...
Don't make time for them who don't make time for you.
कटता है तो कट जाये सारा जीवन संघर्ष में, कदम कदम पर समझौता हमारे बस की बात नहीं ।। 💯
कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं, लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं |😎
मेरा Attitude तो मेरी निशानी है, तु बता तुझे कोई परेशानी है 😠
हमारी नफरत इतनी भी सस्ती नहीं की वो तुम जैसो पर जाया करू |
शेर के पाँव में अगर काँटा चुभ जाए उसका ये मतलब नहीं की अब कुत्ते राज करेंगे
जंग भीड़ से नहीं, जिगर से जीती जाती है.💪
दुश्मनों को हराओ या ना हराओ लेकिन उनके सामने ज़रूर मुस्कुराओ
तू इतना भी बेहतरीन नही , जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं !
कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है, EGO के लिए नही, SELF-RESPECT के लिए...
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में , तुमने उस्तादों से सीखा है , मैंने हलातो से सीखा है
शोर करने वाले अगर खामोश हो जाये तो उनकी ख़ामोशी से सुकून नहीं खौफ आता है
तुझे क्या लगता है तेरे जाने से गम होगा, नहीं मेरी जान बस एक कॉन्टैक्ट कम होगा
दुनिया कहा चुप रहती है कहने दो जो कहती है
अंधेरे में रह कर देखो जनाब उजाले से नफरत हो जाएगी!
गुरूर मे इंसान को कभी इंसान नहीं देखता जैसे छत पर चढ़ जाओ तो अपना ही माकन नहीं देखता
मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों ही तेरे औकात से बाहर है!
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
सही वक़्त आने पर करवा देंगे हदों का एहसास कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं!