बाज कभी कबूतरों के साथ उड़ान नहीं भरता..!
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
"हैसियत की बात मत कर पगली, तेरी दौलत से बड़ा मेरा दिल है !!"
शौंक से नहीं किया कौइ गुनाह,, लोग हर बार औंकात पुछ रहे थे..!😎😎
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है, बहुत से लोग हैं जिनका हिसाब करना है
जंगल में फिर खौफ 🤫 छा रहा है सुना है घायल शेर 🦁 फिर वापस आ रहा है !
दुसरो की शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना ज्यादा बेहतर है अपनी ही मौज का फकीर बने रहना
हम उनसे रीश्ता नही रखते, जिन्हे उंचाईयों से डर लगता है |
हमारे जीने का तरीक़ा थोड़ा अलग सा है, हम उम्मीद पर नहीं ज़िद्द पर जीया करते हैं !!"
जरुरत नहीं है हमे आज तेरी मोहब्बत की… कल जब थी तो तुझे गुरूर बहुत था…💯💯
तमीज में रहो वरना बदतमीज हम भी है 😊
हमें मत सिखा बदमाशी के कानून, अगर हमनें शराफत छोड़ दी तो तू बकील ढूँढता रह जायेगा 😤😤
मुकाबला भी करेंगे छोटे पहले तू बराबरी तो कर ले..💪
हमारी काबिलियत ही हमारी पहचान है, वरना लोग तो बहुत हैं दुनिया में😎😎
ख़्वाहिशों का कैदी हूँ,मुझे हकीक़तें सज़ा देती हैं!
मिज़ाज में थोड़ी सख्ती लाजमी है हुजूर, लोग पी जाते समंदर अगर खारा ना होता।
गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं
तुम बदलकर तो देखो, हम पलटकर भी न देख़ेगे।।😊
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
मेरा तो एक ही उसूल है प्यार हद से ज्यादा और नफ़रत उससे भी ज्यादा
हम सादगी में झुक क्या गए, तुमने तो हमे गिरा हुआ समझ लिया |😠
तू महारानी तो मैं नवाब, भूल जा बेबी मुझे पाने का ख्वाब..!!😎
तुझे क्या लगता है तेरे जाने से गम होगा, नहीं मेरी जान बस एक कॉन्टैक्ट कम होगा
मुझे ख़ुद को बेक़सूर सबित करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि मैं जानता हूँ कि मैं बेक़सूर हूँ। 💯
अगर खुद पर घमंड आने लगे, तो मिट्टी से पूछ लेना आज कल सिकंदर कहा है।
लोगो से डरना छोड़ दो, इज्जत ऊपरवाला देता है लोग नहीं.
बादशाह तो में कहीं का भी बन सकता हूँ, पर तेरे दिल की नगरी में हुकूमत करने का मज़ा ही कुछ अलग है.....!
मेरी सोच और मेरी पहचान, दोनों ही तेरे औकात से बाहर है!
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
हमारी सोच और पहचान दोनो ही, तेरी'औकात' से बाहर हैं।
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही..दुश्मन के शोर से पता चलता है
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे