तुम कुछ भी सोचो मेरे बारे में,, पर ये दिल तुम्हें याद किये बिना धड़क नहीं सकता,,
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
If your ego speaks with me then my attitude replies to you.
मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं
दोस्तों के दिल ❤️ में और दुश्मन के दिमाग 🧠 मे रहना आदत है हमारी..😎
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
सबको पसंद आ जाऊँ पैसा थोड़ी ना हूँ .
हर रोता हुआ लम्हा मुस्कुराएगा,😃 तू सब्र रख अपना वक्त भी आएगा..⌚
गिरे हुए लोगों को उठाना नही 😌 भूलना सीखो। 😈🖕
जिद पर आ जाऊँ तो पलट कर भी ना देखूँ, मेरे सबर से अभी तुम वाकिफ़ ही कहाँ हो.
जब दोस्त ही शामिल हो दुश्मनो की चाल में तब शेर भी फस जाता हैं मकडी के जाल में..! 😠😠
तुम जलते रहोगे आग की तरह,और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह
पसंद आया तो दिल में, नही तो दिमाग में भी नही.
The bravest thing I ever did was continuing my life when I wanted to die.
जिन्हे हम ज़हर लगते हे वो हमें खा कर मर जाये
उम्मीद जिंदा रखिये जनाब, आज हसने वाले कल तालियां भी बजायेंगे |😎
वाकिये तो अनगिनत है जिंदगी के, समझ नहीं आता कि किताब लिखू या हिसाब लिखूँ !😠
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरो की तरह ये आदत नहीं हमारी |❤️🔥
मुझे पसंद है शांत रहना, इसे मेरी 'कमजोरी' मत समझना ।
जो होगा देखा जाएगा पर उठाया कदम अब पिछे नही हटेगा!
दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं. 😠
जो “दोगे” वही लौट कर आएगा, चाहे वह “इज्जत” हो या “धोखा”..💯
आजाद रहिये विचारों से ,लेकिन बंधे रहिये अपने संस्कारों से.
वफादार और तुम....?? ख्याल अच्छा है, बेवफा और हम......?? इल्जाम भी अच्छा है
लक तो हर किसी का है यार, पर हमे पाने के लिये लक नहीं गुड लक चाहिये 😎
मेरी कोई बुरी आदत नहीं है बस गुस्सा कण्ट्रोल नहीं होता
तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे… अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती
उम्र कुछ नहीं कहती साहब कारनामे हैसियत बताते है |
सबर कर अपना किस्सा नहीं कहानी हैं
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाएं.. तो उन्हें आज़ाद कर देना चाहिए..
हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.
झूठी शान के परिंदे ही ज्यादा फड़फड़ाते है, बाज़ की उड़ान में कभी आवाज नही होती।