जो लोग भूल जाते है यारी वही लोग करते है गद्दारी |💯
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
चाय जैसी उबल रही है ज़िंदगी मगर, हम भी हर घूँट का आनंद शौक़ से लेंगे☕
जब बात 'जरूरत की हो ना, तो जुबान सब की मीठी हो जाती है।
Beauty Fades After Time, But Personality Is Forever!
मेरी बदमाशी का अंदाज़ा तुम इस चीज़ से लागलो जब में शरीफ था तब भी लोग मुझे बदमाश कह कर बुलाते थे
लोग अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं मेरी आदतों से रुतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ !!"
अक्सर दिखावे का प्यार ही शोर करता है, सच्ची मोहब्बत तो इशारों में ही सिमट जाती है। 💞
मत कोशिश करो मुझ जैसा बनने की. क्यूंकि शेर पैदा होते है बनाए नहीं जाते !!
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती।
झुको केवल उतना ही जितना सही हो , बेवजह झुकना केबल दुसरो के अहम् को बढ़ावा देता है
यह दिल ही है जिसे हारने की आदत हो गई है, वरना जहां भी हमने दिमाग लगाया है, वहां फतेह ही पाई है..!😎
शक नहीं पूरा यकीन है..कोई किसी का नही होता..
लौटना मत भूल के भी, इश्क़ से नफरत हो चुकी है अब।😠😠
अभी जिसको जो करना है शौक़ से करो याद रखना सबका हिसाब होगा.. कब जब मेरा दिमाग ख़राब होगा
हमसे दूर रहा करो, लोग हमें मतलबी कहते हैं.
किसीको इतना मंहगा मत बनाओ, की खुद सस्ते हो जाओ!🔥
मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है साहब..क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार काम नहीं आता..💯
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं, अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती |💯
जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |😠
उम्र कुछ नहीं कहती साहब कारनामे हैसियत बताते है |
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे
शेर के पाँव में अगर काँटा चुभ जाए उसका ये मतलब नहीं की अब कुत्ते राज करेंगे
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं.. अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
आप होशियार है अच्छी बात है, पर हमें मूर्ख ना समझे यह उससे भी अच्छी बात है !🖕🖕
ज़िंदगी की रेस में जो लोग आपको दौड़ कर नहीं हरा पाते..!! वही आपको तोड़ कर हारने की कोशिश करते है ..!!
वाक़िये 😅 तो अनगिनत हैं #ज़िंदगी के, समझ नहीं आता, कि किताब लिखूँ या हिसाब 📝 लिखूँ..
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी, मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे हैं !🥱
अब मत्त खोलना मेरी ज़िन्दगी की पुरानी किताबों को जो था वो मैं रहा नहीं जो हूँ वो किसी को पता नहीं
किसी के गुलाम होने कि आदत नहीं हमारी, हम तो खुद अपनी रियासत बनाते हैं |
तुम बदलकर तो देखो , हम पलटकर भी न देख़ेगे।।
अच्छा हुआ जो तुमने हमें तोड़कर रख दिया , घमंड था मुझे बहुत की तुम सिर्फ मेरे हो