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काम ऐसा करो की नाम हो जाए, या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए| 😎😎

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

चुप रहना ताकत है मेरी कमजोरी नहीं अकेले रहना आदत है मेरी मजबूरी नहीं..!

औरो के लिए जीते थे तो किसी को शिकायत न थी , थोड़ा सा अपने लिए क्या सोचा ज़माना दुश्मन बन गया

कुछ बनना ही है तो समंदर बनो लोगों के पसीने छूटने चाहिए तुम्हारी औकात नापते-नापते

कुछ नही भुले हम बस मौके का इंतजार कर रहे है..! 🔥🔥

अकेले चलने वाले लोग घंमडी नहीं होते वो बस अकेले ही काफी होते है

बदलना कौन चाहता है जनाब लोग यहां बदलने को मज़बूर कर देते हैं

हमारी खामोशी को हमारा घमंड ना समझो बस कुछ ठोकरे ऐसी लगी है कि बोलने को मन नहीं करता.

I m not that someone anymore

खौफ तो आवारा कुत्ते भी मचाते है पर दहशत हमेशा शेर की ही रहती है

आओ तुम्हे तुम्हारी औकात दिखाते हैं, तुम जिसे आप कहते हो वो हमे बाप कहते हैं...

चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये, बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये |

शायद कुछ लोग भूल गए है अपनी औक़ात लगता है फिर मैदान में आना पड़ेगा

मैं बदनाम हु हर जगह ये पैगाम पंहुचा जहा मैं नहीं पहुचा वहा मेरा नाम पहुचा |

कुछ देर की खामोशी है फिर कानो मैं शोर आएगा , तुम्हरा तोह सिर्फ वक़्त है हमारा दौर आएगा

आने वाले कल से नहीं डरता, क्योंकि बिता हुआ कल देखा है।

तुम जलते रहोगे आग 🔥 की तरह, और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह| 🥰

दुसरो पे मरने वाले हम नहीं हम पर मरने वाले कम नहीं.🔥🔥

तू महारानी तो मैं नवाब, भूल जा बेबी मुझे पाने का ख्वाब..!!😎

तुम किसी और से इश्क़ कर लो हमे अमीर होने में थोडा वक्त लगेगा |

तमीज मे रहो वरना,, बत्तमीज हम भी है ..!

तुम शरीफ मैं कमीना चल अब निकल जा मेरी प्यारी हसीना

सबको पसंद आ जाऊँ पैसा थोड़ी ना हूँ .

खैरात में मिली हुई ख़ुशी हमे पसंद नहीं है, क्योंकि हम गम में भी नवाब कि तरह जीते हैं..|😎

हमारा Style और Attitude ही कुछ लग है, बराबरी करने जाओगे तो बिक जाओगे..😎

होता है तो होने दो मेरे कत्ल 🗡️ का सौदा, मुझे भी तो पता चले बज़ार में हमारी क़ीमत 💸 क्या है।

अपने दिल में मेरे लिए नफरत रखने वालो बताओ क्या उखड लोगे

रुकना हमें आता नहीं, और झुकना हमने कभी सीखा नहीं।

वो दौर ही बीत गया जब सब कुछ लुटा कर हम तुम्हे पाना चाहते थे , अब तुम मुफत में भी मिलो तो भी कबूल नहीं हो !

हम तो झुके थे तेरे इश्क में तूने, तो गिरा हुआ ही समझ लिया |

में चुप हूँ कुछ वजह है जिस दिन बरस जाऊंगा उस दिन तरस भी नहीं खाऊंगा