उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
Status / Attitude
Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!
कलयुग है साहेब, यहाँ झूठे को स्वीकार किया जाता हैं, और सच्चे का शिकार किया जाता हैं..💯❤️
तेरे बाद किसी को प्यार से ना देखा हमने हमें इश्क का शौक है आवारगी का नहीं
वैसे दुश्मनी तो हम कुत्ते से भी नहीं करते है, पर बीच में आ जाये तो शेर को भी नहीं छोड़ते..
अच्छी किताबे,और अच्छे लोग..! तुरंत समझ में नहीं आते, उन्हें पढ़ना पड़ता है..
If your are still hate me!then No Problem!.
दिल तो आशिक तोड़ते है, हम तो Record तोड़ते है..!!💪
तजुर्बे ने शेरों 🦁 को खामोश रहना सिखाया है,, क्योंकि दहाड़ कर शिकार नहीं किया जाता..✔️
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही..
हमारी हस्ती ऐसी है साहब अच्छे लोग हमें आप और बुरे लोग बाप कहते हैं
कुछ बनना ही है तो समंदर बनो लोगों के पसीने छूटने चाहिए तुम्हारी औकात नापते-नापते
सुना था लोगों से की वक्त बदलता है, अब वक्त ने बताया की लोग भी बदलते है ।
तुम्हारे अपनों में🙄 हमारे चाहने वाले बहुत है😊
हाँ मै बदल गयी हूँ अब मै जाने वालो को रास्ता देती हूँ वास्ता नहीं!!
"बादशाह नहीं बाज़ीगर से पहचानते हैं लोग हमें, क्योंकि हम रानियों के सामने झुका नहीं करते !!"
जो मेरा होता है उस पर किसी का हक़ तो क्या नज़र तक बर्दाश्त नहीं करती मै
अगर मै औकात देखकर दोस्ती करता तो तुम मेरे आस पास भी नहीं होते..!
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
तुम्हीं से सीख रहा हूं हुनर नजर अंदाजगी का, अब जो तुम पर आजमाऊं तो बेवफ़ा मत समझना |😎😎
तुम बदलकर तो देखो, हम पलटकर भी न देख़ेगे।।😊
Never Love Someone At The Cost Of Your Dignity And Self Respect...!!!
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब , अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
दुश्मन तो बहुत है 😠 पर वो कहते है, ना शेर का शिकार कुत्तों 🐕 से नहीं होता |
पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.
Don’t break yourself just to fit into someone’s life
में तो पहले से बदनाम हु तुम शरीफ लोग मेरा क्या उखाड़ लोगे
कातिलों की महफ़िल में गुनेगार कौन है हमसे मत पूछिये ईमानदार कौन है
कभी-कभी कुछ रिश्तों से बाहर आ जाना ही अच्छा होता है, EGO के लिए नही, SELF-RESPECT के लिए...
खुदा मेरे दुश्मनों को लम्बी उम्र दें ! ताकि वो मेरी क़ामयाबी देख सकें !!"
सही और गलत के बीच में जो आती है, बस उसे ही राजनीति कहते है !
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तोह आगे नहीं बढ़ पाएगे