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आज का दिन आपके लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा लाए। अपने हर सपने को पूरा करने की ठान लो। सफलता आपके कदम चूमे। सुप्रभात! 🌅💛

Status / Attitude

Discover how your attitude can transform your life. This section delves into techniques for enhancing your personal influence and building resilience. Embrace a growth mindset and unlock your potential!

सही वक़्त आने पर करवा देंगे हदों का एहसास कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं!

हमको मिटा सके ये ज़माने में दम नहीं, हमसे ज़माना है ज़माने से हम नहीं.🔥

लोगो को गोली की तरह लगती है बातें मेरी मतलब मेरा निशाना बहुत अच्छा है

गुस्से के तेज़ लोग दिल के साफ़ होते हैं

फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में , तुमने उस्तादों से सीखा है , मैंने हलातो से सीखा है

हक़ से दे तो तेरी “नफरत” भी सर आँखों पर , खैरात में तो तेरी “मोहब्बत” भी मंजूर नहीं…!

जो मेरे मुकद्दर में है वो खुद चल कर आएगा, जो नहीं है उसे अपना खौफ लाएगा |

जमाने में इतना दम कहा जो हमे मिटायें, जमाना हमसे है हम जमाने से नही |

लक तो हर किसी का है यार, पर हमे पाने के लिये लक नहीं गुड लक चाहिये 😎

जीना है तोह ऐसे जियो की पिता को भी लगे के हा मैंने एक शेर पाला हैं

ना बिका हूं, ना कभी बिक पाउंगा, ये मत समझना की में भी औरों जैसा हूं |

जिन्दगी बहुत छोटी सी है, इसलिये मैं घमंड नहीं बल्कि शौक रखता हूँ..

हमारी अदालत में वकालत नही होती और सजा हो जाये तो जमानत नही होती..!

अगर मै औकात देखकर दोस्ती करता तो तुम मेरे आस पास भी नहीं होते..!

मुझे नफरत पसंद है, लेकिन दिखावे का अपनापन नहीं 😠

रुकना हमें आता नहीं, और झुकना हमने कभी सीखा नहीं।

हम बुरे है इसमें कोई शक नहीं पर कोई बुरा कहे इतना किसी को हक़ नहीं 😎

Nobody can teach me who I am.

I live, I love, I fight, I cry, but I never give up

किस घुमान मैं हो मोहतरमा भुला दिया हमने तुझे

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

पैसा "हैसियत" बदल सकता है, "औकात" नहीं.

कमज़ोर बदला लेते है मजबूत माफ़ करते है समझदार नज़रअंदाज करते है |

वैसे दुश्मनी तो हम कुत्ते से भी नहीं करते है, पर बीच में आ जाये तो शेर को भी नहीं छोड़ते..

में तो वक्त से हारकर बैठा था, आंखे खोलकर सामने देखा, कुछ लोग खुद को बादशाह समझ बैठे थे..!

तुम बदलकर तो देखो , हम पलटकर भी न देख़ेगे।।

हमारी नफरत इतनी भी सस्ती नहीं की वो तुम जैसो पर जाया करू |

हैसियत का कभी अभिमान न करना उड़ान ज़मीं से शुरू और जमीं पे ही ख़त्म होती है 🦅

कुछ लोग अपने तो है ... लेकिन सिर्फ बातों से ...

पत्थर सा बदनाम हूँ साहब , अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है