પ્રિયતમ દીકરી, તારા જન્મદિવસની શુભકામનાઓ! તારી અદભુત આત્મા, કરુણા અને અદમ્ય ભાવના અમારા માટે પ્રેરણા છે. તારું ભવિષ્ય સુખ, સમૃદ્ધિ અને અદભુત સિદ્ધિઓથી ભરેલું રહે. 🎊💖🙏
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!
i still remember our last eye contact
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
बड़ी कश्मोकश है इन दिनो ज़िन्दगी में...किसी को ढूंढते फिर रहे हैं हर किसी में....
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
I don’t really have feelings until night time and then I get sad about everything.
Why do people keep on hurting me like I'm one of their toys?
everyone leaves in the end anyway
i am scared of getting too close to anyone because those who said that they will always be there for me.
वक़्त गूंगा नहीं, बस मौन हैं, वक़्त आने पर बता देता हैं की किसका कौन हैं...
उदास छोड़ गया वो मुझको , खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
मुसाफ़िर कल भी थी मुसाफ़िर आज भी है, कल अपनों की तलाश में थी आज अपनी तलाश में हूँ!!!🌹
बहुत लड़ी मैं तुमसे पर तुम्हारी यादों से हार गई |
कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं जब दिल भर जाता है तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं 👈
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
मुझे इन्तजार था कि तुम समझो मुझको तुमने समझा दिया कि बस इन्तज़ार करो |
I told you what hurt's me the most and you did it perfectly.
अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?
सिर्फ़ उम्र ही नहीं कुछ हादसे भी तजुर्बे बेहिसाब दे जाते है।
शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए
कुछ नहीं लिखने को आज.... न बात , न ज़ज्बात
फिर एक दिन ऐसा भी आया जिन्दगी में..की मैंने तेरा नाम सुनकर मुस्कुराना छोड़ दिया।
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
तू उदास मत हुआ कर इन हज़ारो के बीच आखिर चांद भी तो तन्हा है सितारों के बीच |
i always hide what hurts me the most
क्यूँ उदास बेठे हो इस तरहा अंधेरे मैं, दुःख कम नहीं होते रौशनी बुझाने से
काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ ,तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए !
काश तू सिर्फ मेरे होता या फिर मिला ही ना होता