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નવી સવારની શુભકામનાઓ! આ દિવસ તમારા માટે ખુશીઓ, સારા સ્વાસ્થ્ય અને અઢળક સફળતા લઈને આવે. તમારા આંતરિક બળ પર વિશ્વાસ રાખો. 🌞🌈🙏

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....

इन् तरसती निग़ाहों का ख़्वाब है तू, आजा के बिन तेरे बहुत उदास हूँ मैं..!!

कुछ रुकी रुकी सी है ज़िन्दगी,कुछ चलते फिरते से है हम।

ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.

किस_किस बात का गिला करें इस बेवफा जमाने मे, किसी ने दोस्ती छोडी , किसी ने दिल तोड़ा , किसी ने वादे तोड़े और , किसी ने तनहा छोड़ा !!!

शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए

कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता , एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...

Songs explain what i can’t explain

अगर तुम कहो तो मैं खुद को भुला दूं, तुम्हे भूल जाने की ताक़त नहीं है !!

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!😒

जिंदगी देने वाले , मरता छोड़ गये, अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये, जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की, वो जो साथ चलने वाले, रास्ता मोड़ गये”

People who are always Online are the Loneliest ...Agree.?

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

दिल पर लग जाती है उन्हें अक्सर हमारी बातें , जो कहते थे तुम कुछ भी बोलो बुरा नहीं लगता...

उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!

my heart feels heavy but thats okay

बिछड़ कर फिर मिलेंगे यकींन कितना था, था तो ख्वाब, मगर हसीन कितना था |

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..

ये जो ज़िन्दगी है ना . तेरे बिन अधूरी है

अकेली रात 🌃 बोलती बहुत है, लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला 😟 हो |

जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....

छोड़ कर जाने वाले क्या जानें , यादों का बोझ कितना भारी होता है ...

ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…

कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का

मुझे किसी के बदल जाने का कोई गम नही बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी

रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..

उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है

बहुत मन करता है हसने का, पर किसी की कमी रुला देती है

एक ख्याल ही तो हूँ मैं ..याद रह जाऊँ .. तो याद रखना ..वरना...सौ बहाने मिलेंगे ...भूल जाना मुझे....