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દશેરાના આ શુભ અવસરે, અધર્મનો નાશ થાય અને ધર્મનો વિજય થાય. આપના જીવનમાં નવી આશા, ઉમંગ અને સમૃદ્ધિનો સૂર્યોદય થાય. વિજયા દશમીની હાર્દિક શુભકામનાઓ!

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

my heart feels heavy but thats okay

तू उदास मत हुआ कर इन हज़ारो के बीच आखिर चांद भी तो तन्हा है सितारों के बीच |

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी..और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ..!!!

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...

वक़्त गूंगा नहीं, बस मौन हैं, वक़्त आने पर बता देता हैं की किसका कौन हैं...

मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.

भूल सा गया हैं बो मुझे , समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

अनुभव कहता है, खामोशियाँ ही बेहतर है. शब्दो से लोग रूठते बहुत है।

वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता

I don’t really have feelings until night time and then I get sad about everything.

मैंने उस शख्स को कभी हासिल ही नहीं किया, फिर भी हर लम्हा लगता है कि, मैंने उसे खो दिया…..

I have a lot of unsaid thoughts

मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

कर दिया न फिर से तन्हा, कसम तो ऐसे दी थी जैसे तुम सिर्फ मेरे हो !!

ढूंढ़ रहा हु लेकिन नाकाम हु अभी तक, वो लम्हा जिस में तुम याद ना आये,

कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न

अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।

पता नहीं सुधर गया के बिगड़ गया, ये दिल अब किसी से बहस नहीं करता..!

जाने का कोई इरादा नहीं था, पर रुककर भी क्या करते, जब तू ही हमारा नहीं था 💔

मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है , मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️

अल्फ़ाज़ के कुछ तो कंकर फ़ेंको, यहाँ झील सी गहरी ख़ामोशी है।”

फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत💗बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती👏…!!

जो ज़ख़्म लगे हुए हैं दिल पर उनका मर्ज़ क्या होता है महफ़िल वालों तुम क्या जानो तन्हाई का दर्द क्या होता है....

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

अंदर तक तोड़ देते हैं, वो आंसू जो रात के अंधेरे में चुपचाप निकलते हैं.

कितना खुश था कभी मैं खुद की ही दुनियाँ में..... ये गैरों की मोहब्बत ने मुझे तबाह कर दिया।

कुछ नही मिलता बस एक सबक़ मिल जाता हैं, ख़ाक हो जाता हैं इंसान, ख़ाक से बने इंसान के पीछे।।

बस तेरी कामि है ए मौत, दिल वो ले गयी जान तू ले जा..