ગાંધી જયંતિના આ શુભ દિવસે, બાપુના સિદ્ધાંતોને યાદ કરીએ. સત્ય, અહિંસા અને સાદગીનો સંદેશ આપણા હૃદયમાં જીવંત રાખીએ. સમગ્ર દેશને શાંતિ અને પ્રેરણા મળે તેવી પ્રાર્થના.
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी , ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
किस्मत और दिल की आपस में कभी नहीं बनती ! जो लोग ♥ दिल में होते है ! वो किस्मत में नहीं होते
Sometimes I hate getting close to people because I think they will just walk out of my life no matter how close we are.
तन्हा रहना तो सीख लिया , पर खुश ना कभी रह पायेगे , तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।
I hope you're doing fine all alone.
ये जो ज़िन्दगी है ना . तेरे बिन अधूरी है
Thinking about you never ends
i break my own heart by caring too much
किसी से कभी कोई उम्मीद मत रखो क्योंकि उम्मीद हमेशा दर्द देती है!
पहले तुम ही दुनिया लगते थे.. अब तुम भी दुनिया निकले..!!
i wish i could ignore you the way you ignore me.
अजीब खेल है ये मोहब्बत का किसी को हम न मिले कोई हमें ना मिला |
क्या गिला करें उन बातों से क्या शिक़वा करें उन रातों से कहें भला किसकी खता इसे हम कोई खेल गया फिर से जज़बातों से
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता , पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। 😐
होने दो जरा उन को भी तनहा.... याद हम भी उन्हें बेहिसाब आएंगे..
सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
अक्सर अकेलेपन से वही गुजरता है जो जिंदगी में सही फैसलों को चुनता है 💯💯
फ़ासले तो बढ़ा रहे हो मगर इतना याद रखना, मुहब्बत💗बार बार इंसान पर मेहरबान नहीं होती👏…!!
खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे
चुप रहना मेरी ताक़त है कमज़ोरी नहीं, अकेले रहना मेरी चाहत है,मजबूरी नहीं।
ज़िक्र करते है तेरा हवाओं से अब, ये तूफ़ान बनके तेरे शहर से गुज़रे तो माफ़ करना. 💝💝💝
तेरी मुस्कान, तेरा लहज़ा, और तेरे मासूम से अल्फाज़..और क्या कहूँ... बस बहुत याद आते हो तुम..
अच्छी लगती है ये खामोशियाँ भी अब हर किसी को जवाब देने का सिलसिला ख़त्म हो गया।
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
बेबसी किसे कहते है, कोई हमसे पूछे, उसका नम्बर तो है पर बात नही कर सकते..!!
Another month. Another year. Another smile. Another tear. Another winter and another summer too. But there can never be another you.
बहुत लड़ी मैं तुमसे पर तुम्हारी यादों से हार गई |
ज़रा सी वक़्त ने करवट क्या ली ! गैरों की लाइन में सबसे आगे अपनों को पाया हमने 😊