नवरात्रि के नौ दिन, माँ के नौ आशीर्वाद, आपके जीवन को दें सुख, समृद्धि और संवाद। हर दिन हो मंगलमय, हर पल हो खुशियों भरा, परिवार संग मनाएं यह पर्व, प्रेम से भरा।
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
उनकी जब मर्जी होती है तब हमसे बात करते हैं, और हम पागल पूरा दिन उनकी मर्जी का इंतज़ार करते हैं|
मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.
नींद से क्या शिकवा जो आती नहीं, कसूर तो उस चेहरे का है जो सोने नहीं देता !
I’m still trying to be happy and fine
एक खता रोज कर रहे हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम.
दिल तक पहुँचने का रास्ता, वफ़ा के समंदर से होकर गुजरता है। हर लहर पे नाव बदलने वाले, मंजिल तक नही पहुँचा करते…
जबरदस्ती की नजदीकियों से सुकून की दूरियां ही अच्छी हैं.!
रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।
कितना होशियार है 😂 मेरा यार.. तोहफे में घड़ी तो दे दी लेकिन वक़्त नहीं|
Just remember that when no one was there for you, I was. When no one gave a damn about you, I did.
सवरने का तो सवाल ही नहीं उठता, हम तो बिखरे ही लाजवाब है,,!! ❤
भूल जाना तो जमाने की फितरत है, पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की.
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
कैसे छोड दूं आखिर तुझसे मोहब्बत करना...तू मेरी किस्मत में ना सही.. दिल में तो है
तुम चाहते तो निभा भी सकते थे, मगर तुमने ऐसा कभी चाहा ही नहीं.
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
बेशक मोहब्बत ना कर पर बात तो कर तेरा यु खामोश रहना बड़ी तकलीफ देता है
बिन धागे की सुई सी बन गई है ये ज़िंदगी ...सिलती कुछ नहीं ... बस चुभती चली जा रही है ...
Sometimes, giving someone a second chance is like...giving them an extra bullet for their gun because they missed you the first time.
मुस्कुराने की अब वजह याद नहीं रहती, पाला है बड़े नाज़ से मेरे गमों ने मुझे!!
Remember when i said i am fine? Yeah, I lied.
बस एक बार , उलझना है तुमसे, बहुत कुछ , सुलझाने के लिये
हमें भी शौक था दरिया -ऐ इश्क में तैरने का, एक शख्स ने ऐसा डुबाया कि अभी तक किनारा न मिला.
वो शख्स एक छोटी सी बात पे यूँ चल दिया , जैसे उसे सदियों से किसी बहाने की तलाश थी .
अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....
माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।
जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.
तन्हा रातें कुछ इस तरह से डराने लगी मुझे, मैं आज अपने पैरों की आहट से डर गया..!!🥺🥺
प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम, जताये भी हम और रोयें भी हम..