दुश्मन का शोर हमें बताता है, के हमारे वार में कितना असर है।
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
कुछ ख्वाहिंशे कुछ चाहते अभी बाकी है..❣️❣️टूटकर भी लगता है … टूटना अभी बाकी है
The worst thing in life is not losing the one we love, but losing yourself in the process of loving someone too much.
Please promise you will be back, i am nothing without you.
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
जिनको जाना होता है वो चले ही जाते है किसी के रोने से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता
ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है
Alone doesn’t mean lonely.
It scares me how temporary everything is
परेशान करते थे मेरे सवाल तुमको.. तो बताओ पसंद आयी खामोशी मेरी....
हर रोज तेरी यादों का हिसाब कर लेता हूं, मैं थोड़ा हंस लेता हूं; थोड़ा रो लेता हूं मैं ||
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
काश तू सिर्फ मेरे होता या फिर मिला ही ना होता
i hate it when i can't control my tears
Sometimes, giving someone a second chance is like...giving them an extra bullet for their gun because they missed you the first time.
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
It's about who stays, not who promised.
मेरी तन्हाई को मेरा शौक न समझना, बहुत प्यार से दिया है ये तोहफा किसी ने!!
ख्वाब चुभते रहते है, आंखों में सारी रातभर, वो पूछते रहे वजह आँखो के लाल होने की ! ❤️
i need someone who never change
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते है
मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
रात नई हैं,यादें पुरानी!
My Status are messages for you
कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.
मोहब्बत नहीं है उसे मुझसे ये जानता हूँ मैं फिर भी ये बात कहाँ मानता हूँ मैं
जाने कैसे हो जाते हैं लोग कभी इसके कभी उसके और फिर किसी और के