"डर बिना उम्मीद के नहीं हो सकता ! और उम्मीद बिना डर के !!
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
कुछ कह गए, कुछ सह गए, कुछ कहते कहते रह गए..❗️ मै सही तुम गलत के खेल में, न जाने कितने रिश्ते ढह गए..‼️
मेरी मोहबत की मजार तो आज भी वहीं है, बस तेरे ही सजदे की जगह बदल गई..!!
उसकी मोहबत पे मेरा हक़ तो नहीं लेकिन ,दिल करता है के उम्र भर उसका इंतज़ार करू !
अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!
तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता , पता नहीं तेरी खूबी है या तेरी कमी
कभी सोचा न था की वो भी मुझे तनहा कर जायेगा!जो अक्सर परेशान देखकर कहता था.... मैं हूँ न
I hope you're doing fine all alone.
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
खो कर फिर तुम हमें पा ना सकोगे साहब हम वहाँ मिलेंगे जहाँ तुम आ ना सकोगे
बहुत सोच समज कर रूठा करो अपनो से, आज कल मनाने के रिवाज नही हैं ।। 💔
जो ज़ख़्म लगे हुए हैं दिल पर उनका मर्ज़ क्या होता है महफ़िल वालों तुम क्या जानो तन्हाई का दर्द क्या होता है....
कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं जब दिल भर जाता है तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं 👈
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
I’m still trying to be happy and fine
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे ,पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं
शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए
Just a year ago, things were so different.
Apno ko jab apne kho dete hain tanhaiyon me aksar wo ro dete hain, kyu palkon par rakhte hain log unko,jo in palkon ko hamsha aansuon se bhigo dete hain.
सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है. |
Sometimes You need to stand alone to find out who you really are..
उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |
अकेले ही गुज़रती है ज़िन्दगी, लोग तसल्लियाँ तो देते हैं, पर साथ नहीं।💯
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
जो लोग ज्यादा हस्ते है ना, अक्सर लोग उनके अंदर का दर्द समझ नहीं पाते है...
मुलाकात बनकर मिला था मुझ से कोई बड़ी जल्दी गुजर गया वक़्त की तरह.