जिसकी सजा तुम हो, मुझे ऐसा कोई गुनाह करना है.
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
वादों की तरह इश्क भी आधा रहा, मुलाकातें कम रही इंतजार ज्यादा रहा.
हम उनसे तो लड़ लेंगे जो खुले आम दुश्मनी करते हैं... लेकिन उनका क्या करे जो लोग मुस्कुरा के दर्द देते हैं...
समझ में ही नही आता कभी-कभी, ये सब क्या हो रहा जिंदगी में...बस.. चुप-चाप तमाशे देख रही हु जिंदगी के...
ना साथ है किसी का, ना सहारा है कोई, ना हम किसी के हैं ना हमारा है कोई.
क्या कहें कुछ नहीं है कहने को, हाय क्या गम मिला है सहने को.
कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |
Songs explain what i can’t explain
चले जाने दो उस बेवफ़ा को किसी और की बाहों में जो इतनी चाहत के बाद मेरा ना हुआ वो किसी और का क्या होगा
लफ्ज ढाई अक्षर ही थे.....कभी प्यार बन गए तो कभी जख्म.......
अब शिकायतें नहीं होती किसी से, बस हल्का सा मुस्कुरा देता हूं.
अब इन आँखों से भी जलन होती हैं मुझे ! खुली हो तो याद तेरी, और बंद हो तो ख्वाब तेरे !
नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे , जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले 😔
कोन कहता है कि आसुयो मे वजन नहीं होता , एक भी छलक जाता है तो मन हल्का हो जाता है ...
मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!
मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!
I feel empty when you're not with me.
Hiding your feelings isnt the easy way out but sometimes its the only thing you can do.
"मुझे ये ❤ दिल कि बीमारी ना होती अगर तू इतनी #प्यारी ना होती..."
कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी , कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है
खोकर पता चलती है कीमत किसी की, पास अगर कोई हो तो एहसास कहाँ होता है। 💯🥺
You should step in my shoes and walk a mile. Then maybe you'll see how hard it is to hold back tears and fake a smile.
मुझ से पहले भी उसका कोई था मेरे बाद भी उसका कोई है
कितने अनमोल होते हैं ये अपनों के रिश्ते कोई याद न करे तो भी इंतज़ार रहता है
काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ ,तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए !
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
सजा ये है कि बंजर जमीन हूँ मैं और, जुल्म ये है कि बारिशों से इश्क़ हो गया |
बहोत याद आते हो तुम, दुआ करो,मेरी याददाश्त चली जाये..!