जिस दिन वक़्त मेरा होगा तू सोच भी नहीं सकता तेरा क्या होगा |😠
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
Those who are heartless, once cared too much.
जुनून सवार था किसीके अंदर ज़िंदा रहने का....हुआ यूं के हम अपने अंदर ही मर गये...
ज़िन्दगी का सबसे लम्बा सफर एक मन से दूसरे मन तक पहुँचना है...और इसी में सबसे ज्यादा समय लगता है...
कैसे बनाऊँ तेरी यादों से दूरियां .......दो कदम जाकर सौ कदम लौट आती हूँ .......
Just because we are not close anymore doesn’t mean I dont care about you.
तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले है , पूछो इन रातो से जो रोज़ कहती है के खुदा के लिए आज तो सो जाओ !
Mood: forever missing you
काश तुम्हें भी पता होता, तुम्हारे बगैर दिन कितना बुरा गुजरता है.
किस्मत और दिल की आपस में कभी नहीं बनती ! जो लोग ♥ दिल में होते है ! वो किस्मत में नहीं होते
Why do people keep on hurting me like I'm one of their toys?
उनको लगी खरोंच का पता पुरे शहर को है, हमारे गहरे जख्म की कहीं चर्चा तक नहीं !!
दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है💔
Saying that you're okay is much easier rather than explaining all the reasons why you're not .
पता नहीं सुधर गया के बिगड़ गया, ये दिल अब किसी से बहस नहीं करता..!
Apno ko jab apne kho dete hain tanhaiyon me aksar wo ro dete hain, kyu palkon par rakhte hain log unko,jo in palkon ko hamsha aansuon se bhigo dete hain.
मुलाकात बनकर मिला था मुझ से कोई बड़ी जल्दी गुजर गया वक़्त की तरह.
Tired, sad and overthinking
सब ख़फ़ा है मेरे लहजे से...पर मेरे हाल से कोई रूबरू तक न हुआ.....
I dont know which I would rather believe. That you never did care or that you eventually stopped.
क्यों तुम खामोश हो गये..जी अब तक नहीं भरा था तेरी बातों से..
overthinking is my partner at night
You broke my heart, but i still love you with all the pieces.
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
वक़्त पर ना जा वक़्त तो हर ज़ख्म की दावा है, आज तुमने हमे भुला दिया कल तुम्हे भी कोई भुला देगा
मेरी मोहब्बत की कातिल मेरी ग़रीबी ठहरी उसे ले गए ऊँचे मकाँ वाले....!
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
काश वो भी आकर हम से कह देमैं भी तन्हाँ हूँ ,तेरे बिन, तेरी तरह , तेरी कसम , तेरे लिए !
एक खता रोज कर रहे हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम.
इस छोटी सी उम्र में कितना कुछ लिख दिया मैंने, उम्रें लग जायेंगी, तुम्हे मुझे पूरा पढ़ने में।