Skip to Content

जिन्दगी न जाने किस मुकाम तक पहुँच गई है, तन्हाई में रोना पड़ता है और महफ़िल में हँसना पड़ता है||

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

कमाल करता है तू भी ए दिल उसे फुर्सत नहीं है और तुझे चैन नहीं

उसने पुछा जिंदगी किसने बरबाद की । हमने ऊँगली उठाई और अपने ही दिल पर रख ली ।

चैन से गुज़र रही थी ज़िन्दगी,और फिर तुम मिल गए!

मेरे दिल का दर्द किसने देखा है, मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है ,हम तन्हाई में बैठे रोते है,लोगो ने हमे महफ़िल में हस्ते देखा है।

शिकायत तो खुद से है तुम से तो आज भी इश्क़ है

Some days I cant stop thinking about you, and other days I wonder why I am wasting my time.

अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये

ऐ दिल तू क्यों रोता है , ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

कुछ ख्वाहिंशे कुछ चाहते अभी बाकी है..❣️❣️टूटकर भी लगता है … टूटना अभी बाकी है

उदास छोड़ गया वो मुझको , खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

Maybe i should learn not to get too attached.

I feel empty when you're not with me.

The hardest thing to do is walk away from someone you cant forget.

I’m the type of girl who smiles to make everyone’s day. Even though I’m dying inside.

डाल कर...आदत बेपनाह मोहब्बत की...अब वो कहते है...कि...समझा करो वक़्त नही है...

बहुत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने, फिर हुआ सच बोलने का नशा और हम लावारिस हो गए..

i suffered, i learned, i changed

कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!😒

एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया

माना की मरने वालों को भुला देतें है….सभी ...मुझे जिंदा भूलकर उसने कहावत ही बदल दी…

पहले तुम ही दुनिया लगते थे.. अब तुम भी दुनिया निकले..!!

अगर ख़ुशी मिलती है तुम्हे हम से जुदा होकर तोह दुआ है खुदा से की तुम्हे कभी हम न मिले

मैं उनका हूँ ये राज सब जानते हैं वो किसके हैं ये सवाल मुझे सोने नहीं देता |

काश तुम्हें भी पता होता, तुम्हारे बगैर दिन कितना बुरा गुजरता है.

कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.

भूल जाना तो जमाने की फितरत है, पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की.

माना कि तुझसे दूरियां कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है

नुक्स निकालते है वो इस कदर हम मे , जैसे उन्हे खुदा चाहिए था और हम इंसान निकले 😔