कमज़ोर बदला लेते है मजबूत माफ़ करते है समझदार नज़रअंदाज करते है |
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
खुशीयां तो कब से रूठ गई हैं मुझसे, काश इन गमों को भी कीसी की नजर लग जाये ।
तुम हो तोह कुछ कमी नहीं .... तुम नहीं तोह कुछ नहीं ..
It's about who stays, not who promised.
दर्द सिर का हो या दिल का, दोनों बहुत बुरे होते है.
कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.
Sometimes, giving someone a second chance is like...giving them an extra bullet for their gun because they missed you the first time.
कैसी है मुहब्बत तेरी महफिल में मिले तो अनजान कह दिया !! सन्हा जो मिले तो जान कह दिया..
कभी अकेले रह कर देखना, लफ़्जों से ज्यादा आँसू निकलते हैं.
कुछ बुरी आदतें ता उम्र साथ नहीं छोड़ती....बस उन्हीं आदतों मे से एक है वो..!!😒
कितनी महँगी पड़ी मुझे मुस्कुराने की अदा, सब अकेला छोड़ गए मुझे ये कहकर क़ि तुम तो अकेले भी खुश रह लेते हो
नफ़रत की एक बात अच्छी लगी मुझे, ये मोहब्बत की तरह झूठी नहीं है साहब !!💯❤️
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
Loneliness is better than a bad company.
Sorry isn’t always enough. Sometimes you actually have to change.
ज़ारो चेहरों में एक तुम दिल को अच्छे लगे, वरना ना चाहत की कमी थी ना चाहने वालो की.
I miss you. I miss us. I miss having you to talk to whenever I wanted. But I know I have to move on, because it's pointless.
बहुत मन करता है हसने का, पर किसी की कमी रुला देती है
Its better to just quietly miss someone rather than to let them know and get no response.
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
कोई ठुकरा दे तो हसकर जी लेना, क्यूकि मोहब्बत की दुनिया में जबरदस्ती नहीं होती !
Thinking about you never ends
उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ..!!
उसको मालूम तो हैं मेरे हालातो के बारे मे, फिर खैरियत पूछकर मेरी मुश्किलें क्यों बढ़ाते हैं |
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
एक सफर जहां फिरसे सब 'शून्य' से शुरू करना होगा।
भूल जाना तो जमाने की फितरत है, पर तुमने शुरुआत हमसे ही क्यों की.
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।
i need someone who never change
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया