बड़ा अजीब ये दुनिया का मेला है, इतनी भीड़ में भी हमारा दिल ❤️अकेला है।

मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.

ना ढूंढ मेरा किरदार दुनिया के भीड़ में, वफ़ादार तो हमेशा तन्हा ही मिलते है..💯💯

तू उदास मत हुआ कर इन हज़ारो के बीच आखिर चांद भी तो तन्हा है सितारों के बीच

तेरे इश्क ने सरकारी दफ्तर बना दिया दिल को, ना कोई काम करता है,ना कोई बात सुनता है .....

काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना

ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

कभी कभी नाराजगी, दूसरों से ज्यादा खुद से होती है।😊

I overthink because I notice everything

माना कि तुझसे दूरियां, कुछ ज्यादा ही बढ़ गई हैं, पर तेरे हिस्से का वक़्त आज भी तन्हा गुजरता है |

उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है

Every night i sit at home alone, wondering whether you are thinking of me too.

Its better to be lonely then to be played by wrong people.

हादसे कुछ दिल पे ऐसे हो गए , हम समुन्दर से भी गहरे हो गए

कोई पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे, तुम आओ तो सही,हम शाम को सवेरा कह देंगे

बनावटी रिश्तो से ज्यादा, सुकून देता है अकेलापन |

ज़िक्र करते है तेरा हवाओं से अब, ये तूफ़ान बनके तेरे शहर से गुज़रे तो माफ़ करना. 💝💝💝

I just want to stop thinking and sleep.

Just because we are not close anymore doesn’t mean I dont care about you.

No matter how hard you try, Some people will never change.

my “okay” will never be okay

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

लाख तेरे चाहने वाले होंगे मगर तुझे महसूस सिर्फ मैंने किया है

जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....

रोज रोते रोज़ ये कहती है जिंदगी मुझसे, सिर्फ एक शख्स की खातिर यूँ मुझे बर्बाद ना कर।

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है 😔

कैसे कह देते हैं लोग रात गई बात गई, यहां जमाने गुज़र जाते हैं दिल पर लगी बात को भुलाने में |

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना , सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं