I'm not saying I regret meeting you, I just regret trusting you.
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!
दो पल भी नहीं गुज़रते तुम्हारे बिन,ये ज़िन्दगी ना जाने कैसे गुज़ारेंगे!
मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही,अब रातों को जागना अच्छा लगता है…
i break my own heart by caring too much
आदत बदल सी गई है वक़्त काटने की , हिम्मत ही नहीं होती अपना दर्द बांटने की
अकेली रात 🌃 बोलती बहुत है, लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला 😟 हो |
कुछ भी झूठ हो सकता है, मगर अकेले में बहाए आँसू नहीं.
लोग कहते है हम मुस्कराते बहुत है…और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते…
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं.. मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं
Maybe i should learn not to get too attached.
you're not mine but i miss you everyday
बुरा नहीं हूँ मैं मेरी भी कुछ कहानी है, टूट चुका हूँ मैं, अपनो की मेहरबानी हैं.😊💔
फैसला ! नहीं हो पा रहा, तनहा ! रात है या मै ...
यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है
शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.
बिखरे पल,भीगी पलके और ये तन्हाई है.....कुछ सौगाते है जो मोहब्बत से कमाई है....
कोई तो कर रहा है मेरी कमी पूरी तभी मेरी याद उसे अब नहीं आती ..
दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ
i hate texting, i wanna see you
i am single because i would rather be alone than be with a guy who makes me feel alone.
तुम पर सिर्फ मेरा हक़ है ऐसा कहने वाला ही अब साथ छोड़ गया
Dont cry over someone who wouldnt cry over you.
एक खता रोज कर रहे हम, जो मिलेगा नहीं उसी पर मर रहे है हम.
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
बहुत सोच समज कर रूठा करो अपनो से, आज कल मनाने के रिवाज नही हैं ।। 💔
ठोकर खाया हुआ दिल है...भीड से ज्यादा तन्हाई अच्छी लगती है....
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
बस इतना सा असर होगा हमारी यादों का, कि कभी-कभी तुम बिना बात के मुस्कुराओगे.
वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी
जिन्दगी न जाने किस मुकाम तक पहुँच गई है, तन्हाई में रोना पड़ता है और महफ़िल में हँसना पड़ता है||