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I’m not lying, I just forgot the truth.

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

कितने अनमोल होते है, ये यादों के रिश्ते भी , कोई याद ना भी करे, तो चाहत फिर भी रहती है

pretending to be okay is not easy at all

People come into our lives and you never know for how long.

मुझे किस तरफ जाना है कोई खबर नहीं.... ए-दोस्तों, मेरे रस्ते खो गए….. मेरी मोहोब्बत की तरह.......!!!

खुद से बात कर के खुद से ही झगड़ता हूँ, तुम्हारे जाने के बाद अंदर से कितना उलझता हूँ....

It’s hard missing someone I can’t talk to

Sometimes You need to stand alone to find out who you really are..

मुस्कुराने की अब वजह याद नहीं रहती, पाला है बड़े नाज़ से मेरे गमों ने मुझे!!

शाम नहीं पर बात वही. तू नहीं तो तेरी याद सही.

चाह कर भी पूछ नहीं सकते हाल उनका, डर है कहीं कह ना दे के ये हक तुम्हे किसने दिया। 😐

आज परछाई से पूछ ही लिया , क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा ,और कौन है...तेरे साथ !!

बहुत भीड हो गई है लोगों के दिलों में...इसलिए आजकल हम अकेले ही रहते हैं...!

किताबों की तरह हैं हम भी….अल्फ़ाज़ से भरपूर, मगर ख़ामोश….!!

I like being alone, listening to music in my own world, away from all the bullshit in life."

कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़... ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया...!

अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये

Sorry isn’t always enough. Sometimes you actually have to change.

I Hope you will always Remember all the great memories we Created, Because i will.

आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....

अगर ख़ुशी मिलती है तुम्हे हम से जुदा होकर तोह दुआ है खुदा से की तुम्हे कभी हम न मिले

गजब का हमदर्द था मेरा, जो दर्द के सिवा कुछ दे ना सका

शिकायत जिन्दगी से नहीं , उनसे है जो जिन्दगी में नहीं है .

याद नहीं वो रूठा था या मैं रूठा था, साथ हमारा जरा सी बात पे छूटा था….!!!

छोड दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना…जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या मांगना

दास्तां सुनाऊं और मज़ाक़ बन जाऊँ बेहतर है मुस्कुराऊं और ख़ामोश रह जाऊँ

अब शिकायतें नहीं होती किसी से, बस हल्का सा मुस्कुरा देता हूं.

मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते हैं

बनावटी रिश्तो से ज्यादा, सुकून देता है अकेलापन |

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका