સૂર્યના પ્રથમ કિરણોની જેમ તમારું જીવન પણ પ્રકાશિત થાય. આજના દિવસને સકારાત્મકતા અને દયાથી ભરી દો, દરેક ક્ષણમાં ખુશી શોધો. શુભ સવાર! ☀️✨💛
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
I’m still trying to be happy and fine
साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...
इश्क़ कभी झूठा नहीं होता, झूठे तो बस कसमे और वादे होते है !!
छोड़ दिया अब हमनें उस बेवफा का इंतजार करना दोस्तों जब रात गुजर सकती है तो ज़िंदगी भी गुजर जाएगी
मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
ज़िन्दगी से भला क्या शिकायत करें बस जिसे चाहा उसने समझा ही नही
I did my best to keep you. I’m done trying
मैं उनका हूँ ये राज सब जानते हैं वो किसके हैं ये सवाल मुझे सोने नहीं देता |
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।
निभा दिया उसने भी दस्तूर दुनिया का तो गिला कैसा पहचानता कौन है यहां मतलब निकल जाने के बाद...
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
ख्वाहिश थी उस रिश्ते को बचाने की… और बस इक यही वजह थी मेरे हार जाने की…
जाने का कोई इरादा नहीं था, पर रुककर भी क्या करते, जब तू ही हमारा नहीं था 💔
Sometimes it's good to be alone, it teaches you how to be more independent.
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले… यहाँ दिल तो बहुत मिलते है,बस कोई दिल से नहीं मिलता
I miss you a lot, but it's okay. I'm fine
I am okay & not okay at the same time
छोड़ कर जाने वाले क्या जानें , यादों का बोझ कितना भारी होता है ...
आरज़ू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं।
पता नहीं सुधर गया के बिगड़ गया, ये दिल अब किसी से बहस नहीं करता..!
तुम्हारे बिना रह तो सकती हूँ... मगर.. खुश नहीं रह सकती
मरता था जिनके लिए वो अब मर गए है मेरे लिए.
वो साथ थे तो एक लफ़्ज़ ना निकला लबों से, दूर क्या हुए कलम ने क़हर मचा दिया!!❤️
मोहब्बत होने में कुछ लम्हे लगते है पूरी उम्र लग जाती है उसे भुलाने में.
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!
चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है
मुझे "परखने " में पूरी ज़िन्दगी लगा दी उसने काश कुछ वक़्त "समझने" में लगाया होता
जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है , कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |