સત્ય અને અહિંસાના પ્રણેતા, સાદગીના મૂર્તિમંત સ્વરૂપ, પૂજ્ય બાપુને તેમની જન્મજયંતિ પર શત શત વંદન. તેમનો વારસો સદા આપણને પ્રેરણા આપતો રહો.
Status / Alone
Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.
Reading Old Messages And Wondering Where It All Changed.
मैं क्यों पुकारू उसे कि लोट आओ उसे खबर नहीं कि कुछ नहीं मेरे पास उसके सिवाए.
कितनी जल्दी फैसला कर लिया जाने का, एक मौका भी नहीं दिया मनाने का
कैसे गुज़र रही है सब पूछते है , कैसे गुजारता हु कोई नहीं पूछता |
रिश्तों को वक़्त और हालात बदल देते हैं...अब तेरा ज़िक्र होने पर हम बात बदल देते हैं ..
No matter how hard you try, Some people will never change.
भूल सा गया हैं बो मुझे , समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
पास आकर सभी दूर चले जाते है अकेले थे हम, अकेले ही रह जाते है इस दिल का दर्द दिखाए किसे मल्हम लगाने वाले ही जख्म दे जाते है।
मत पूछ कैसे गुजर रही है जिंदगी , उस दौर से गुजर रहा हूँ जो गुजरता ही नहीं है
आँखों में देखी जाती हैं.. प्यार की गहराईयाँ...शब्दों में तो छुप जाती हैं.. बहुत सी तन्हाईयाँ....
Another month. Another year. Another smile. Another tear. Another winter and another summer too. But there can never be another you.
Just because I let you go, doesn’t mean i wanted to.
मोहब्बत तोह आज भी करते है, लेकिन तू बे -खबर है, कल की तरह.
i suffered, i learned, i changed
हम खुद से बिछड़े हुये लोग हैं, तुमसे क्या मिल पायेंगे |
ज़िंदगी में प्यार क्या होता है ये उस शक्स से पूछो जिसने दिल टूटने के बाद भी इंतज़ार किया हो
जिन्हें नींद नहीं आती उन्हीं को मालूम है सुबह आने में कितने जमाने लगते है
Sorry isn’t always enough. Sometimes you actually have to change.
मत पूछ शीशे से उसके टूटने की वजह, उसने भी मेरी तरह किसी पत्थर को अपना समजा होगा
वो जान गया हमें दर्द में भी मुस्कुराने की आदत है; इसलिए वो रोज़ नया दुःख देता है मेरी ख़ुशी के लिए।
वक़्त बहुत कुछ छीन लेता है खैर मेरी तो सिर्फ मुस्कुराहट थी
अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.
कुछ लोगो को कितना भी अपने बनाने की कोशिश कर लो वो साबित कर देते है कि वो गैर ही है |
उनकी जब मर्जी होती है तब हमसे बात करते हैं, और हम पागल पूरा दिन उनकी मर्जी का इंतज़ार करते हैं|
बहोत याद आते हो तुम, दुआ करो,मेरी याददाश्त चली जाये..!
यकीनन हो रही होंगी बैचेनियां तुम्हें भी , ये और बात है कि तुम नजरअंदाज कर रहे हो...
मुझे इसलिए भी लोग कमज़ोर समझते है , मेरे पास ताक़त नहीं किसी का दिल तोड़ने की..........❤️
तुमने कहा था आँख भर के देख लिया करो मुझे, मगर अब आँख भर आती है तुम नजर नही आते हो।