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જીવન મા સફળ થવા માંગો , તો સૌ પ્રથમ તમારમા રહેલા ઘમંડ નો નાશ કરો.!!

Status / Alone

Explore the enriching experience of solitude. Learn how being alone can enhance your self-awareness, promote personal development, and lead to greater mental clarity. Discover practical tips and insights to embrace your alone time.

I did my best to keep you. I’m done trying

अब तो खुद को भी निखारा नहीं जाता मुझसे _वे भी क्या दिन थे कि तुमको भी संवारा हमने ...?

थोड़ी जगह दे दे मुझे तेरे पास कहीं रह जाऊं मैं खामोशियाँ तेरी सुनु ओर दूर कहीं ना जाऊं मैं

Just because I let you go, doesn’t mean i wanted to.

साजिशों का पहरा होता है हर वक़्त रिश्ते भी बेचारे क्या करें, टूट जाते हैं बिखर कर...

I don't regret my past. I just regret the time I've wasted with the wrong people.

What you see isn’t always the whole truth.

The scariest thing about distance is that you don't know whether they'll miss you or forget you.

चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है, और इंसानों की कीमत खोने के बाद…...!

हम ना पा सके तुझे मुदतो के चाहने के बाद , ओर किसी ने अपना बना लिया तुझे चंद रसमे निभाने के बाद !!

कितने शौक से छोड़ दिया तुमने बात करना जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम

Its better to break your own heart by leaving, rather than having that person break your heart every day you are with them.

इस दुनिया के लोग भी कितने अजीब है ना , सारे खिलौने छोड़ कर जज़बातों से खेलते हैं

शब्द ...मन ..जज़्बात , एक एक करके सब खामोश हो गए

Another month. Another year. Another smile. Another tear. Another winter and another summer too. But there can never be another you.

बड़ी सादगी से उसने कह दिया, रात को सो भी लिया कर…. रातो को जागने से मोहब्बत लौट नहीं आती

कल तक थी जो जान, आज बन गयी अनजान.

भूल सा गया हैं बो मुझे , समज नहीं आ रहा की हम आम हो गए उनके लिए या कोई खास बन गया है !

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं , बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!

ना शाखों ने जगह दी ,, ना हवाओं ने बख्शा..! मैं हूँ टुटा हुआ पत्ता . आवारा ना बनता तो क्या करता

Walking with a friend in the dark is better than walking alone in the light.

चलो बिखरने देते है जिंदगी को सँभालने की भी हद होती है

काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही,अब रातों को जागना अच्छा लगता है…

वो वक़्त कुछ और था, वो इश्क़ का दौर था, ये वक़्त कुछ और है, ये ख्वाहिशों का दौर है.!

अंदर तक तोड़ देते हैं, वो आंसू जो रात के अंधेरे में चुपचाप निकलते हैं.

जो होकर भी ना हो.. उसका होना कैसा... नाम के रिश्तों से शिकवा कैसा..रोना कैसा....

अजीब तरह से गुजर गयी मेरी जिंदगी, सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ।

मोहबत के सफ़र में नींद ऐसी खो गई, हम न सोए रात थक कर सो गई..!

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हे याद करते करते